भारतीय पुरुष हॉकी टीम हॉकी विश्व कप से पहले मानसिक मजबूती पर खास फोकस करेगी। अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम की संयुक्त मेजबानी में होने वाले विश्व कप से पहले टीम स्विट्जरलैंड में तीन दिवसीय ट्रेनिंग शिविर करेगी। यह शिविर स्विस एल्प्स में मशहूर एडवेंचरर माइक हॉर्न के 'बेस कैंप' में आयोजित होगा। इसकी जिम्मेदारी मानसिक अनुकूलन कोच पैडी अप्टन संभालेंगे। भारतीय टीम इस महीने के अंत में स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होगी। इससे पहले टीम ने 2024 पेरिस ओलंपिक से पहले भी इसी तरह का शिविर किया था। उस ट्रेनिंग का फायदा टीम को मिला और भारत ने लगातार दूसरा ओलंपिक कांस्य पदक जीता था। अब विश्व कप और एशियाई खेलों को देखते हुए फिर से वही फॉर्मूला अपनाया जा रहा है।
स्विट्जरलैंड में तीन दिवसीय शिविर
मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने पीटीआई से बातचीत में कहा, "प्रो लीग से पहले हमने एक शिविर किया था और अब दूसरा शिविर होगा। हम स्विट्जरलैंड जाएंगे, जहां पैडी अप्टन के साथ 2-3 दिन का कार्यक्रम तय है। इसका बेसब्री से इंतजार है।" उन्होंने बताया कि पेरिस ओलंपिक वाली तैयारी को दोहराया जाएगा, लेकिन इस बार टीम अलग है इसलिए दृष्टिकोण भी बदला हुआ होगा। फुल्टन के मुताबिक शिविर का सबसे बड़ा उद्देश्य टीम के बीच तालमेल, भरोसा और आपसी जुड़ाव को मजबूत करना है। "हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका पता होनी चाहिए। टीम का आत्मविश्वास ऊंचा हो और खिलाड़ी एक-दूसरे पर आंख बंद करके भरोसा करें। यही सबसे जरूरी है।"
15 से 30 अगस्त तक खेला जाएगा विश्व कप
कार्यक्रम को लेकर फुल्टन ने कहा कि पूरी प्लानिंग पैडी अप्टन कर रहे हैं। वहां पहुंचने के बाद ही खिलाड़ियों को डिटेल जानकारी मिलेगी। कोच ने टीम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अब किसी भी खिलाड़ी की जगह पक्की नहीं है। चाहे अनुभवी मनप्रीत सिंह हों या कोई युवा, सबको प्रदर्शन करना होगा। "मनप्रीत लंबे समय से टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। आज भी उनमें वही भूख और जोश है। वह टीम के लिए लगातार योगदान दे रहे हैं।" भारत के लिए आने वाले 2 महीने बेहद अहम हैं। हॉकी विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड और बेल्जियम में खेला जाएगा। इसके तुरंत बाद 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक एशियाई खेल होंगे। ये खेल 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफिकेशन का भी रास्ता तय करेंगे। ऐसे में स्विस शिविर से टीम को मानसिक और शारीरिक दोनों स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।
