मोबाइल बना जासूस, एक क्लीक और जीवन भर की कमाई साफ; साइबर पुलिस ने दबोचा पूरा गैंग
- Reported by: आशुतोष सिंह
- Updated Feb 11, 2026, 10:41 PM IST
वाराणसी डीसीपी क्राइम आकाश पटेल ने बताया कि आरोपी Trojan और SMS Forwarder Based APK फाइल भेजकर पहले पीड़ित के मोबाइल का पूरा एक्सेस ले लेते थे। इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग की यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी चोरी कर बैंक खातों से रकम निकाल ली जाती थी।
वाराणसी में साइबर फ्रॉड गैंग गिरफ्तार
वाराणसी : जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठगी के एक ऐसे मामले का खुलासा किया हैं जिसे सुनकर आप भी हैरत में पड़ जायेंगे.. पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 42.5 लाख रुपये की साइबर ठगी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने झारखंड के धनबाद जिले से 5 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से 3 एक ही परिवार के सदस्य हैं और पूरा परिवार ही साइबर फ्रॉड के इस नेटवर्क में शामिल था। अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।
APK फाइल से कैसे लगा चूना
यह मामला तब सामने आया जब चौबेपुर थाना क्षेत्र के तिवारीपुर निवासी मदन मोहन मिश्रा ने 8 दिसंबर को साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। मदन मिश्रा एक निजी फर्म में अकाउंटेंट हैं। उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले उनके मोबाइल पर एक संदिग्ध APK फाइल भेजी गई थी। जैसे ही उन्होंने उस फाइल को डाउनलोड किया, उनके मोबाइल का एक्सेस साइबर अपराधियों के हाथ लग गया और धीरे-धीरे उनके बैंक खाते से ₹42.5 लाख की निकासी कर ली गई।
शिकायत मिलते ही वाराणसी पुलिस की साइबर सेल हरकत में आ गई। तकनीकी जांच, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट के जरिए पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम को धनबाद भेजा गया, जहां से गैंग के सरगना सहित सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
डीसीपी क्राइम आकाश पटेल ने बताया कि आरोपी Trojan और SMS Forwarder Based APK फाइल भेजकर पहले पीड़ित के मोबाइल का पूरा एक्सेस ले लेते थे। इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग की यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी चोरी कर बैंक खातों से रकम निकाल ली जाती थी। चोरी की रकम को म्यूल बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर कैश के रूप में निकाल लिया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, फर्जी दस्तावेज, चार पहिया वाहन और नकदी भी बरामद की है। साइबर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न सिर्फ पीड़ित को न्याय की उम्मीद मिली है, बल्कि साइबर अपराधियों को भी कड़ा संदेश गया है कि ऐसे अपराधों को बख्शा नहीं जाएगा।
