क्राइम

Lucknow: गैंगरेप के बाद महिला की हत्या, पुलिस पर की फायरिंग; एनकाउंटर में एक आरोपी ढेर

लखनऊ पुलिस ने मुठभेड़ में मलीहाबाद इलाके के पास एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या के एक आरोपी को मार गिराया। पुलिस ने बताया कि महिला चिनहट में अपने भाई के घर जा रही थी, तभी आरोपी गलत रास्ते से मलीहाबाद इलाके में पहुंच गया, जहां उसके साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई।

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महिला से दुष्कर्म की कोशिश और हत्या मामले का आरोपी मुठभेड़ में ढेर। (AI-Generated Image)

UP Crime: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म और बाद में उसकी हत्या करने का आरोपी शुक्रवार शाम पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, अजय कुमार और उसके भाई दिनेश ने 18 मार्च को मलीहाबाद इलाके में महिला से सामूकि दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और फिर उसका गला घोंट दिया।

मुखबिर से मिली थी सूचना, लखनऊ से भागने वाला था आरोपी

पुलिस ने दूसरे आरोपी दिनेश कुमार द्विवेदी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, हालांकि अजय द्विवेदी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस को शुक्रवार शाम को मुखबिर से सूचना मिली कि अजय लखनऊ से भागने वाला है।

रात करीब डेढ़ बजे वाराणसी से लखनऊ पहुंची थी महिला

पुलिस ने बताया कि टेम्पो चालक दिनेश को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया जबकि अजय फरार था। पुलिस उपायुक्त (लखनऊ पश्चिम) विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया, 'महिला 18 मार्च को देर रात करीब डेढ़ बजे वाराणसी से लखनऊ पहुंची थी। इसके बाद उसने आलमबाग से अपने भाई को फोन कर बताया कि वह चिनहट इलाके में उसके घर पहुंच जाएगी। वह दोनों आरोपियों के साथ तिपहिया वाहन में थी।'

मलीहाबाद ले गए, जहां इस वारदात को दिया अंजाम

उन्होंने बताया कि जब महिला काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो उसके भाई ने उससे संपर्क करने कोशिश की लेकिन उसका फोन बंद आया, जिसके बाद उसने पुलिस को घटना की सूचना दी। अधिकारी ने बताया कि महिला को लखनऊ के रास्तों के बारे में जानकारी नहीं थी और दोनों उसे गलत दिशा में मलीहाबाद ले गए, जहां उन्होंने आम के बगीचे में उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।

विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि जब महिला ने विरोध किया तो दोनों आरोपियों ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को बगीचे में छोड़कर भाग गए। अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार सुबह इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से दुबग्गा इलाके में रहने वाले दिनेश को पकड़ा गया और शाम को अजय को भी महमूद नगर से पकड़ लिया गया।

पुलिस की टीम पर चलाई गोलियां, फिर ऐसे खत्म हुआ खेल

उन्होंने बताया, 'पकड़े जाने के दौरान अजय ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और उसे पकड़ लिया गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।' अधिकारी ने बताया कि घटना के मद्देनजर लखनऊ पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उन्होंने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है।

डीसीपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने देवम होटल के पास चेकिंग पोस्ट बनाई और रात करीब साढ़े नौ बजे आरोपी को पकड़ लिया। डीसीपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने कहा, 'जब मोटरसाइकिल सवार एक संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया गया, तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसकी मोटरसाइकिल फिसल गई... उसने पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई।' डीसीपी ने कहा कि आरोपी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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