क्राइम

8 महीने की गर्भवती समेत दो महिलाएं मुंबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार, केन्या से अंडरगारमेंट में छिपाकर ला रहीं थीं 33 किलो सोना

Gold Smuggling: दोनों महिलाएं केन्या की राजधानी नैरोबी से मुंबई एयरपोर्ट पहुंची थीं। एयरपोर्ट अधिकारियों को जांच के दौरान दोनों के पास से 33 किलोग्राम सोना मिला है, जिसकी कीमत करीब 19 करोड़ रुपये है।

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Gold smuggling

Photo : iStock

Gold Smuggling: मुंबई एयरपोर्ट पर सोना तस्करी के आरोप में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों महिलाएं केन्या की राजधानी नैरोबी से मुंबई एयरपोर्ट पहुंची थीं। एयरपोर्ट अधिकारियों को जांच के दौरान दोनों के पास से 33 किलोग्राम सोना मिला है, जिसकी कीमत करीब 19 करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने बताया, इनमें से एक महिला 8 महीने की गर्भवती है। दोनों महिलाएं अपने अंडरगारमेंट्स और बैग में छिपाकर सोना ले जा रही थीं, जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ।

एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि दोनों महिलाओं को अलग-अलग गिरफ्तार किया गया है, लेकिन वे एक ही सोना तस्करी गिरोह से जुड़ी हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस साल मुंबई आने वाले हवाई यात्रियों से यह सबसे बड़ी जब्ती है।

पहली महिला के पास मिला 11.3 किलो सोना

अधिकारियों ने बताया कि एक महिला यात्री अब्दी काला (26) ने जब ग्रीन चैनल पार किया तो अधिकारियों ने को उस पर शक हुआ। अधिकारियों ने उससे संदिग्ध सामान के बारे में पूछताछ की, लेकिन महिला ने इससे इंकार कर दिया। इसके बाद महिला अधिकारियों की सहायता से उसकी व्यक्तिगत तलाशी ली गई। इस दौरान महिला के अंडरगारमेंट से 8 सोने के टुकड़े मिले। वहीं, उसके बैग से 20 टुकड़े बरामद किए गए। इनका वजन 11.3 किलोग्राम था।

दूसरी महिला के पास मिला 21.4 किलो सोना

इसी तरह, उसी फ्लाइट से आई दूसरी महिला यात्री सईदा हुसैन (24) के बैग से 61 पीले धातु के टुकड़े बरामद किए गए। जब्त किए गए सोने का वजन 21.4 किलोग्राम था। दोनों पर कस्टम एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों महिलाओं ने सोना खुद का होने से इंकार किया है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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