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Exclusive: 'तुम्हारी पत्नी को संतान नहीं हुई, उसे हमारे पास भेजो...' TCS नासिक केस के पीड़ित का बयान

Nashik Harassment Case Victim Statement: TCS नासिक मामले में सामने आए यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों के बाद एक पीड़ित का बयान सामने आया है।

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TCS नासिक केस के पीड़ित का बयान (प्रतीकात्मक फोटो)

Nashik Harassment Case Victim Statement: TCS नासिक मामले में सामने आए यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों (TCS Nashik Harassment Case) के बाद इसे लेकर पुलिस प्रशासन का शिकंजा कसता ही जा रहा है। वहीं टीसीएस कंपनी (TCS Company) ने भी जांच तेज कर दी है और चेयरमैन ने सख्त कार्रवाई तथा जीरो टॉलरेंस पॉलिसी दोहराई है।

TCS नासिक केस को लेकर Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) ने सख्त बयान जारी किया है। TCS की नासिक शाखा से सामने आए यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों को लेकर उन्होंने कहा, यह मामला गंभीर और पीड़ादायक है। इसके साथ ही उन्होंने सख्त जांच और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।उन्होंने साफ किया कि कंपनी इसे बेहद गंभीरता से ले रही है और सच्चाई सामने लाने के लिए व्यापक जांच शुरू कर दी गई है।

वहीं इस मामले में एक पीड़ित का बयान सामने आया है, देखिए उसने अपने बयान में क्या बताया-

'मैं वर्ष 2022 में कंपनी में काम पर लगा था। उस समय मेरी टीम में तौसीफ अत्तार, दानिश शेख और अन्य लोग काम करते थे। हमारी टीम का टीम लीडर तौसीफ अत्तार था, इसलिए उसके द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करना पड़ता था। तौसीफ, दानिश और अपना काम भी मुझे देकर मुझसे अतिरिक्त काम करवाता था। वह टीम लीडर होने के कारण मैं उसके किसी भी काम को मना नहीं करता था और सभी कार्य करता था।

मेरे घर में सभी लोग रामदास स्वामी के भक्त हैं, इसलिए मैं भी धर्म के सभी नियमों का पालन करता हूं। मैं अपने गले में रुद्राक्ष की माला पहनता हूं। मैं धर्म का पालन अधिक करता था, इस कारण तौसीफ और दानिश मेरे साथ अक्सर धर्म के विषय में चर्चा करते थे और कहते थे—“क्या तुम्हारे हिंदू धर्म में सच में भगवान हैं? क्या तुमने उन्हें देखा है? भगवान जैसी कोई चीज नहीं होती, केवल अल्लाह ही एकमात्र ईश्वर है।

हमारी टीम में एक व्यक्ति ने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया था और एक महिला ट्रेनिंग के बाद अन्य विभाग में चली गई थी। तौसीफ और दानिश ऑफिस में काम करते समय कभी भी अचानक कोई भी काम करने को कहते थे। रात में देर होने पर वे मुझे अपने साथ भोजन के लिए होटल ले जाते थे और जबरदस्ती नॉन-वेज खाने के लिए कहते थे। मेरे मना करने पर वे मेरे धर्म का अपमान करते थे। कई बार उन्होंने ऑफिस में मेरे धर्म और देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक बातें कही हैं।

तौसीफ और दानिश ऑफिस के अन्य महिला और पुरुष कर्मचारियों के साथ भी इसी प्रकार का व्यवहार करते थे और सभी पर दबाव बनाने की कोशिश करते थे। उन्होंने मेरे साथ नजदीकी बढ़ाने के लिए मेरे व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं पर चर्चा की और मुझे ब्लैक मैजिक का सहारा लेने की सलाह दी, लेकिन मैंने उनकी बातों को नजरअंदाज किया।

वर्ष 2023 में रमजान ईद के दौरान तौसीफ मुझे अपने घर ले गया, जहां मेरी इच्छा के विरुद्ध उसने मेरे सिर पर जबरदस्ती टोपी पहनाई और मुझे नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया तथा मेरी फोटो लेकर एक ग्रुप में डाल दी और मुझे भी उस ग्रुप में जोड़ दिया। इससे मुझे मानसिक कष्ट हुआ। तौसीफ, दानिश शेख, शाहरुख शेख और रजा मेमन ने ऑफिस में भी मुझे जबरदस्ती कलमा पढ़ने के लिए कहा।

मैं साधना करता हूं, माला धारण करता हूं और शाकाहारी हूं-यह जानते हुए भी एक बार तौसीफ और दानिश मुझे रात में होटल ले गए और धमकी देकर नॉन-वेज खाने के लिए मजबूर किया। मार्च 2023 में मेरे पिता को पैरालिसिस का अटैक आया था। उस समय मेरी पारिवारिक स्थिति बहुत कठिन थी। उस दौरान तौसीफ, दानिश, शाहरुख शेख और रजा मेमन ने मुझसे कहा कि “तुम हमारे धर्म में आ जाओ, तुम्हारे पिता ठीक हो जाएंगे, हिंदू धर्म में बुरा होता है।”

जब मैं उनकी बातों को नजरअंदाज करने लगा, तो वे मेरे खिलाफ हेड ऑफिस में गलत रिपोर्ट भेजने लगे और अलग-अलग कारणों से मुझे परेशान करने लगे। मुझे यह समझ में आया कि वे ऑफिस में हिंदू धर्म के खिलाफ बोलकर धर्म परिवर्तन के प्रयास कर रहे हैं, इसलिए मैंने उनका विरोध किया। इस कारण वे मुझसे नाराज थे और जानबूझकर मुझे तथा अन्य कर्मचारियों को भी परेशान करते थे।

मेरे संतान न होने के कारण तौसीफ और दानिश ने कहा कि “तुम इलाज कराने के बाद भी तुम्हारी पत्नी को संतान नहीं हुई, उसे हमारे पास भेजो।” इस बात पर हमारे बीच विवाद हुआ, जिसमें तौसीफ ने गुस्से में मुझ पर पंखा फेंका और मुझे जान से मारने की धमकी दी। इसकी जानकारी मैंने हमारी एचआर आश्विनी मैडम को भी दी थी।

वर्ष 2022 से 23 मार्च 2026 तक तौसीफ अत्तार, दानिश, शाहरुख शेख और रजा मेमन ने मेरे साथ नजदीकी बनाकर मेरे धर्म के देवी-देवताओं के बारे में अपशब्द कहे, जबरदस्ती टोपी पहनाकर नमाज पढ़वाई, हिंदू धर्म का अपमान किया और मुझे जबरदस्ती नॉन-वेज खिलाकर धर्म परिवर्तन का प्रयास किया। विरोध करने पर उन्होंने मुझे कार्यस्थल पर बार-बार निशाना बनाया और विवाद उत्पन्न किए। उन्होंने हिंदू धर्म की महिलाओं के बारे में भी अश्लील टिप्पणियां कीं।

इसलिए मैं उनके विरुद्ध कानूनी शिकायत दर्ज कर रहा हूं। मेरा उपरोक्त बयान कंप्यूटर पर मराठी में टाइप किया गया है, जिसे मैंने पढ़ा है और यह मेरे कथन के अनुसार सत्य एवं सही है।

क्या है पूरा मामला?

धर्मांतरण के इस मामले में अब तक आठ महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई है। इन महिलाओं की तरफ से लगाए गए आरोपों में यौन उत्पीड़न, अनुचित स्पर्श, आपत्तिजनक टिप्पणियां, पीछा करना और मानसिक दबाव जैसी गंभीर बातें शामिल हैं। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटनाएं 2022 से 2026 के बीच हुईं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।

आरोपियों की गिरफ्तारी, पुलिस जांच जारी

इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें Asif Ansari, Shafi Shaikh, Shahrukh Qureshi, Raza Memon और Tausif Attar शामिल हैं। एक अन्य कर्मचारी को भी हिरासत में लिया गया है। अदालत ने आरोपियों की पुलिस कस्टडी 15 अप्रैल तक बढ़ा दी है ताकि जांच पूरी की जा सके। यह मामला एक महिला कर्मचारी की शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें उसने आरोप लगाया कि एक सहकर्मी ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाया। जांच आगे बढ़ने पर सात और महिलाएं सामने आईं, जिन्होंने इसी तरह के अनुभव साझा किए।

दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है?

इस घटना ने कॉरपोरेट सेक्टर में वर्कप्लेस सेफ्टी और गवर्नेंस को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जांच कितनी तेजी और पारदर्शिता से पूरी होती है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

Ravi Vaish
रवि वैश्य author

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों... और देखें

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