तमिलनाडु में एक मां ने बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी है। जिसके बाद खुद भी मरने की कोशिश की, लेकिन पड़ोसियों ने उसे बचा लिया। मां का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
लड़की की उम्र 20 साल थी। नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी और कोयंबटूर में नर्स का काम भी करती थी। छह महीने पहले ही घर लौटी थी। रिपोर्टों की मानें तो मृतका अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) समुदाय से ताल्लुक रखती थी और किसी पिछड़े वर्ग के व्यक्ति से शादी करना चाहती थीं। इसके लिए उसका परिवार तैयार नहीं था और वो अपने समुदाय के भीतर लड़की की शादी करने के लिए मजबूर कर रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता के पिता और भाई चेन्नई में ऑटो चालक के रूप में काम करते हैं। घर पर मां ही रहती थी। मां ने ही लड़की के लिए एक रिश्ता देख रखा था। जो लड़की को देखने आने वाले थे। लड़की इसके लिए तैयार नहीं थी। वो लड़के से नहीं मिलता चाहती थी। उसकी जिद थी कि वो अपनी मर्जी से शादी करेगी, मां की जिद थी कि जाति से बाहर शादी नहीं होगी।
इसी को लेकर दोनों के विवाद हुआ, पहले बहस शुरू हुई और फिर मां ने बेटी को पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद भी बेटी जिद पर अड़ी रही। फिर मां ने गुस्से में आकर अपनी ही बेटी का गला घोटकर हत्या कर दी। बेटी की मौत के बाद मां ने भी जहरीला पदार्थ पी लिया। हालांकि मां बच गई। पुलिस ने मां को गिरफ्तार कर लिया है और जांच शुरू कर दी।
