Shradhha Murder Case : श्रद्धा वालकर हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला की मंगलवार को कोर्ट में पेशी होगी। दिल्ली पुलिस आफताब के पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए कोर्ट की मंजूरी लेगी। दरअसल, दिल्ली पुलिस नार्को टेस्ट से पहले आफताब का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की तैयारी में है। वहीं, बरामद जबड़े की मुंबई के डेंटिस्ट से जांच कराई जाएगी। शद्धा के शव के टुकड़ों की तलाश महरौली के जंगल और तालाब में आज भी की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि पॉलीग्राफ टेस्ट यदि सफल नहीं हुआ तो पुलिस आफताब का नार्को टेस्ट कराएगी।
याचिकाकर्ता ने की सीबीआई जांच की मांग
श्रद्धा हत्याकांड की सीबीआई जांच को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई होनी है। याचिकाकर्ता की दलील है कि दिल्ली पुलिस के पास जरूरी उपकरण और तकनीक का अभाव है। ऐसे में जांच ठीक से नहीं हो पाएगी। इसलिए जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपने की जरूरत है। आफताब की पांच दिन की पुलिस हिरासत मंगलवार को खत्म हो रही है, ऐसे में दिल्ली पुलिस टेस्ट को जल्द से जल्द कराने की कोशिश में जुटी है।
आफताब के बारे में हो रहे चौंकाने वाले खुलासे
देश को झकझोर देने वाले इस हत्याकांड में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे आफताब के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस इस हत्याकांड के तह तक पहुंचने की कोशिश में है। वह इस हत्याकांड के सभी एंगल को खंगाल रही है। अब यह जानकारी सामने आई है कि आफताब के पिता अमीन पूनावाला ने पिछले महीने मीरा रोड इलाके की एक इमारत में किराए पर फ्लैट लेते समय आफताब के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की थी। इमारत में फ्लैट दिलाने वाले एक रियल एस्टेट एजेंट ने सोमवार को यह दावा किया।
रियल एस्टेट एजेंट ने क्या कहा
रियल एस्टेट एजेंट ने कहा, ‘अमीन पूनावाला ने फ्लैट के अंधेरी स्थित मालिक को बताया कि फ्लैट में उनके परिवार के तीन सदस्य, वह, उनकी पत्नी मुनीरा और उनका बेटा अहद रहेंगे। उन्होंने मालिक से कहा कि उनका दूसरा बेटा (आफताब) उनके साथ नहीं, कहीं अलग रह रहा है। इसके अलावा, उन्होंने आफताब के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की।’ पूनावाला का परिवार पालघर जिले के वसई में किराये के फ्लैट के बाद अक्टूबर में नई जगह स्थानांतरित हुआ था। पुलिस ने कहा था कि हालांकि उनसे संपर्क नहीं हो पाया और मीरा रोड में फ्लैट बंद मिला।
एजेंट ने कहा, ‘अमीन पूनावाला ने फ्लैट किराये पर लेते समय अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य विवरण स्थानीय पुलिस स्टेशन में जमा कराया था। अनिवार्य पुलिस सत्यापन के बाद उन्हें फ्लैट का कब्जा सौंपा गया। उन्होंने (अमीन ने) एक बार मुझसे कहा था कि वह उपनगरीय मलाड में एक टाइल निर्माण कंपनी में काम करते हैं, जबकि उनके बेटे (अहद) को हाल में मुंबई में नौकरी मिली थी। वे अच्छे स्वभाव के लग रहे थे। हम आफताब के बारे में जानकर हैरान हैं।’
