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Shraddha Murder:श्रद्धा वालकर को आफताब ने क्यों मारा? 6 हजार से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट में बड़े खुलासे

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Jan 24, 2023, 08:00 PM IST

Shraddha Murder charge sheet: दिल्ली पुलिस ने कहा कि हमने चार्जशीट दाखिल की है करीब 6 हज़ार पेज की चार्जशीट है।

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आरोपी की निशानदेही पर बॉडी पार्ट्स दिल्ली, गुरूग्राम में सर्च किये गए

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • आरोपी की निशानदेही पर बॉडी पार्ट्स दिल्ली, गुरूग्राम में सर्च किये गए।
  • सीसीटीवी फुटेज की ट्रेल बहुत जरूरी थी इसके लिए अलग टीम बनाई गई थी
  • दिल्ली और गुरूग्राम के सीसीटीवी को कनेक्ट किया गया।

श्रद्धा वालकर हत्याकांड में दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को चार्जशीट दिल्ली की साकेत अदालत में दाखिल कर दी। ये चार्जशीट 6629 पन्नों की है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस मामले में पहले आईपीसी 365 में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में इसमें धारा 302 जोड़ी गयी थी, दिल्ली पुलिस के मुताबिक आफ़ताब ने श्रद्धा की हत्या उसके किसी और लड़के से दोस्ती होने के चलते की थी। हत्या के दिन श्रध्दा अपने एक दोस्त से मिली थी आरोपी नही चाहता था कि श्रद्धा किसी और से दोस्ती करे।ये बात आफ़ताब को नागवार गुजर रही थीौ इसलिए उसने श्रद्धा की हत्या कर दी।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि पूछताछ के बाद जो चीजें निकलकर आयीं, जो अलग अलग जगह पर अलग अलग नौ टीम और एक एसआईटी का भी गठन किया गया बाहर भी टीम को भेजा गया , पूछताछ में पता चला था बॉडी पार्ट्स डिस्पेच किये गए हैं उनकी रिकवरी के लिए अलग अलग टीम बनायी गयी आरोपी की पहचान के आधार पर कुछ पार्ट्स रिकवर किये गए काफी लम्बे समय तक जांच की गयी थेरेपिस्ट भी इन्वॉल्व किये थे टेक्निकल पहली भी एड किया गया ताकि कोई पहलू इसके लिए साइंटिफिक एविडेंस को भरपूर इसमें इस्तेमाल किया गया।

डिजिटल एविडेंस भी लिए गए हैं

सीसीटीवी की टाइमिंग को मैच करना जरूरी था इसके लिए टीम बनायी गयी हम गुडगाँव से भी सीसीटीवी लेकर आये और उनको स्टेब्लिस किया गया

कई सोशल मीडिया एप का इस्तेमाल किया गया है डिजिटल एविडेंस भी लिए गए हैं डॉक्यूमेंट्री एविडेंस भी लिए गए हैं।

श्रद्धा की हत्या की जानकारी मिलने के बाद 302 का मुकदमा दर्ज

दिल्ली पुलिस को महाराष्ट्र पुलिस से जानकारी मिली थी जिसके बाद आईपीसी की धारा 365 का मुकदमा दर्ज किया गया बाद में आफताब को गिरफ्तार किया गया और श्रद्धा की हत्या की जानकारी मिलने के बाद 302 का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। एक एसआईटी का गठन किया। बॉडी के पार्ट्स की जानकारी मिलने पर कई टीम बनाई गई जिन्होंने महरौली और आसपास के इलाके में पार्ट्स को तलाशने की कवायद की गई। टीम ने सर्च दिल्ली, गुरुग्राम, महाराष्ट्र और कई जगहों पर की।

गुरुग्राम और कई जगहों से सीसीटीवी फुटेज लिया गया

यहां हमलोगों ने साइंटिफिक मेथड का इस्तेमाल किया गया। नार्को, पॉलीग्राफी, वॉइस स्पेक्ट्टोग्राफ़ किया गया सीसीटीवी फुटेज के लिए बाकायदा एक डेडिकेटेड टीम बनाया गया जिन्होंने गुरुग्राम और कई जगहों से सीसीटीवी फुटेज लिया गया। डिजिटल एविडेन्स। आज हमने चार्जशीट दाखिल की है 302 और 201 में। करीब 6 हज़ार पेज की चार्जशीट है।

12 नवंबर को आफ़ताब को गिरफ्तार किया गया था

दिल्ली पुलिस ने मामले में 12 नवंबर को आफ़ताब को गिरफ्तार किया गया था। बाद में जांच के लिए एसआईटी की 9 टीम बनाई गई थी। जिन्हें हिमाचल, महाराष्ट्र, गुरूग्राम भेजा गया था। कई डिजिटल एसिडेंस, सीडीआर, जीपीएस लोकेशन को examine किया गया है।इसमें रिकवरी की गई है। डिजिटल फ़ॉरेंसिक और ओरल एविडेंस इकट्ठे करने के बाद आज चार्जशीट फ़ाइल की है।150 से ज्यादा लोगो के बयान दर्ज किए गए है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक हत्या में एक हथियार का इस्तेमाल नही हुआ। कई अलग अलग तरह के हथियारों का इस्तेमाल हुआ। हमने कुछ हथियार बरामद किए है। इस मामले में अदालत चार्जशीट पर अगली सुनवाई 7 फरवरी को करेगी।

'उनकी बेटी की जैसे हत्या हुई, वैसे ही आफ़ताब का अंजाम होना चाहिए'

श्रद्धा के पिता विकास वालकर का कहना है कि उनकी बेटी की जैसे हत्या हुई, उसके जैसे टुकड़े किये गए वैसे ही आफ़ताब का अंजाम होना चाहिए, वो दोस्तों से बात करने पर हत्या की यह महज बहाना है और आफताब बातों को घुमा रहा है। दिल्ली पुलिस की जांच से वो सहमत है पर कठोर सजा आफ़ताब को मिले ऐसी उनकी मांग है उन्होंने कहा कि आफ़ताब के परिवार को भी जांच में शामिल करना चाहिए और उन्हें भी सजा मिलनी चाहिए।

रवि वैश्य
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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