Palghar Sex Racket: महाराष्ट्र के पालघर में पुलिस ने एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यहां से पुलिस ने 3 लड़कियों को छुड़ाया है, जिनसे जिस्मफरोशी का धंधा कराया जा रहा था। साथ ही एक बांग्लादेशी नागरिक को भी गिरफ्तार किया है, जो बांग्लादेश से इन लड़कियों को यहां लाकर धंधा करवाता था।
पुलिस ने जाल बिछाकर पकड़ा
मिली जानकारी के अनुसार मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस ने विरार क्षेत्र में एक बांग्लादेशी नागरिक द्वारा चलाए जा रहे सेक्स-रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस सेक्स रैकेट का जाल मुंबई और भारत के अन्य हिस्सों तक फैला हुआ है। विरार के अर्नाला में पुलिस ने गुप्त सूचना मिली कि अशोक हरनु दास नाम का एक बांग्लादेशी नागरिक बांग्लादेश से अवैध रूप से लाई गई तीन महिलाओं के साथ अपने घर में सेक्स-रैकेट चला रहा था। पुलिस ने उस पर नजर रखनी शुरू कर दी और उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
नकली ग्राहक बनी पुलिस
पुलिस अधिकारी संतोष चौधरी और एक एनजीओ के लोग नकली ग्राहक बनकर उसके ठिकाने पर पहुंचे और सौदे तय होने के बाद टीम ने शुक्रवार को म्हाडा कॉलोनी, बिल्डिंग नंबर 7 में दास के फ्लैट पर छापा मारा। पुलिस ने दास को गिरफ्तार कर लिया और 17 वर्षीय एक लड़की सहित तीन बांग्लादेशी लड़कियों को उसके चंगुल से छुड़ाया। चौधरी ने बताया कि उनकी टीम ने सबसे पहले दास से संपर्क किया। उसने उन्हें व्हाट्सएप पर दो महिलाओं की तस्वीरें भेजीं और यह भी कहा कि 17 साल उम्र की एक और (नाबालिग) लड़की फ्लैट पर उपलब्ध होगी। दास ने कहा, उसका शुल्क 10,000 रुपये होगा।
200 से 250 लड़कियों को फंसाया
पूछताछ करने पर दास ने बताया कि वह करीब 15 साल पहले परिवार के साथ ढाका से यहां आया था और मुंबई में काम कर रहा था। बाद में वह दक्षिण मुंबई के रेड-लाइट इलाकों में काम करने वाले मनोज यादव और बसु नाम के कुछ मानव-तस्करों और दलालों के संपर्क में आया। इसके बाद उसने देह-व्यापार के लिए लड़कियों की खरीद और आपूर्ति शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि दास ने बड़ी रकम देने का वादा कर बांग्लादेश और भारत के अन्य हिस्सों से लड़कियों को लुभाना शुरू कर दिया। उसने कबूल किया कि पिछले कुछ वर्षों में वह विभिन्न भारतीय राज्यों और बांग्लादेश से 200 से 250 लड़कियों को फंसाने में कामयाब रहा।
