मध्य प्रदेश के रीवा में एक ऐसी हैवानियत की घटना सामने आई है, जिसे जानकर आप सिहर उठेंगे। यहां एक शख्स जब नशे की लत में डूब गया तब परिवार वाले उसे बचाने के लिए एक रिहैब सेंटर में ले गए। वहां उन्होंने मोटी फीस भरी और शख्स को छोड़कर आ गए। अब नशे की लत छुड़ाने के लिए वहां जो किया गया, उससे वो शख्स अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। शख्स के साथ कई बार अप्राकृतिक सेक्स किया गया, कुकर्म किया गया, गुप्तांग में लाइटर डाल दिया गया। मारपीट की तो बात ही मत पूछिए।
कैसे खुला राज
यह मामला यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र स्थित संकल्प नशा मुक्ति केंद्र का है। यहां एक शख्त को नशे की लत छुड़ाने के लिए करीब दो साल पहले भर्ती कराया था। तीन दिन पहले नशा मुक्ति केंद्र के स्टाफ ने मरीज की पत्नी को फोन कर बताया कि उनके पति के पेट में दर्द है, जिसके कारण उसे संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो शख्स के पेट में बड़ा घाव मिला। जब पूछताछ की गई तो डॉक्टर ने बताया कि उसकी आंतें फट गई थीं और किसी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर किसी नुकीली चीज से चोट पहुंचाई थी।
पीड़ित ने बयां की हैवानियत
बाद में पीड़ित ने अपनी आपबीती सुनाई। उसने कहा कि सेंटर संचालक और उसके सहयोगियों ने उसके साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया है। उसके साथ अमानवीय अत्याचार किया। उसने बताया कि वो लोग मिलकर उसे पकड़ लेते थे। उसे पटक कर गमछे से बांध देते थे। इसके बाद उसके साथ मारपीट करते और कुकर्म करते। वो असहनीय दर्द में तड़पते रहता। इतने से मन नहीं भरा तो उन्होंने गैस वाला लाइटर उसके गुप्तांग में डाल दिया।
पुलिस ने क्या कहा
रीवा पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह के मुताबिक, पीड़ित को इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने धारा 377 और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। संचालक समेत 2 अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
