क्राइम

शादीशुदा गर्लफ्रेंड को 7 टुकड़ों में काटा, पहले बनाया हवस का शिकार; फिर हत्या और पेट्रोल डालकर जला डाला

Crime News: एक शख्स ने अपनी प्रेमिका से पहले जिस्मानी रिश्ता बनाया, फिर उसे मार डाला। इसके बाद लाश पर पेट्रोल छिड़क कर जला दिया। इतना ही नहीं बेरहमी से शव को हंसिया से काटकर 7 टुकड़ों में बांटा और नाले में बहा दिया। 13 अप्रैल की इस वारदात का खुलासा पुलिस ने कर दिया है।

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शादीशुदा गर्लफ्रेंड को पहले बनाया हवस का शिकार, फिर मार डाला।

Photo : Times Now Digital

Crime in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बालोद पुलिस ने की तीन माह पहले बोरी में बंद कई टुकड़ों में मिले अज्ञात महिला की लाश कr गुत्थी को सुलझा लिया है। शव की शिनाख्त जिले के डौंडी लोहारा थाना क्षेत्र ग्राम बकरीटोला निवासी प्रमिला धुर्वे के रूप में की गई है। महिला का पति दूसरे जिले में जा मजदूरी कर अपने परिवार का जीवनयापन करता था, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने शादीशुदा प्रेमिका को अपने घर ले जा साथ में शराब पी और संबंध बनाकर दोनों सो गए।

आरोपी ने क्यों शादीशुदा गर्लफ्रेंड को मार डाला?

आधी रात नींद खुलने पर महिला को फोन पर बात करते देख दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। इसके बाद आरोपी प्रेमी ने प्रेमिका का किसी और से अवैध संबंध होने की शक में हत्या कर दी। उनके शव को घर में रखे पेट्रोल से जला दिया और सब्जी काटने वाले हासिया से शव के कई टुकड़े कर, दो अलग-अलग बोरियों में भर दिया। इसके बाद वो मोटरसाइकिल से गोंदली जलाशय ग्राम अमलीडीही नहर के पास जाकर दोनों बोरियों को अलग-अलग स्थान पर फेंक दिया और अपने घर लौट गया।

पुलिस को कैसे मिली महिला की कटी हुई लाश?

छत्तीसगढ़ के बालोद जिला व थाना क्षेत्र ग्राम अमलीडीह गोंदली जलाशय नहर किनारे 13 अप्रैल को बोरी में बंद लाश को आवारा कुत्तों के नोचने की जानकारी पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस जब बोरी को खोलकर देखा तो उसमें कटा हुआ सिर, हाथ और पैर मिला वही शव का धड़ गायब था। जिन्हें आसपास ढूंढने पर कुछ पता नहीं चला, पंचनामा कार्यवाही और फॉरेंसिक जांच के बाद पुलिस डेड बॉडी के अवशेष का अपने साथ ले गए। उसके अगले ही दिन सुबह रोजगार गारंटी काम करने जा रहे मजदूरों ने पूर्व में मिले हाथ पैर वाले स्थान से लगभग 200 मीटर दूर जंगल में एक बोरी से बदबू आने और उस पर मक्खी मंडराने की जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच बोरी से धड़ बरामद किया और पंचनामा कार्रवाई कर अज्ञात शव की शिनाख्त और आरोपी की तलाश में जुटी।

तीन महीने बाद हुई मृत महिला की शिनाख्त

पुलिस ने तीन माह में शव की शिनाख्त के लिए बालोद जिला के साथ-साथ आसपास जिलों के थानों में गुम महिलाओं की रिपोर्ट जुटा कई सीसीटीवी खंगाले, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। कुछ दिन पहले ही डौंडी लोहारा थाना क्षेत्र ग्राम बकरीटोला निवासी स्वरूप धुर्वे की पत्नी प्रमिला धुर्वे के कई दिनों से गायब होने की सूचना मिलने पर पुलिस और साइबर सेल के टीम गांव पहुंची। शव की तस्वीरें गुम महिला की मां को दिखाया, तो उन्होंने इसे अपनी बेटी की होने की बात कही।

आरोपी ने पुलिस के सामने कबूला अपना जुर्म

पुलिस ने बताया की शव की शिनाख्ती के बाद जब हमारी टीम हत्या के आरोपी की तलाश में जुटी, तो पता चला रोजी मजदूरी के लिए पति के केशकाल जाने के बाद प्रमिला का डारागांव निवासी दीपक साहू से अवैध संबंध है। जिन्हें हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ करने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। शव मिलने के 1 दिन पहले 12 अप्रैल को आरोपी ने प्रमिला को अपने घर ले जा उनके साथ अवैध संबंध बनाए। उसके बाद की सारी कहानी आरोपी ने पुलिस के सामने बयां की।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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