क्राइम

वो चीखती रही और दरिंदे नोंचते रहे...बेहोश कर खेत में घसीट ले गए हैवान, जौनपुर में शर्मनाक कांड

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 17, 2023, 12:19 PM IST

Jaunpur Viral Video: महिला ने शिकायत में बताया है कि छह युवक उसकी बेटी के पास पहुंचे और उसे बेहोश कर खेत में घसीट ले गए। इस दौरान उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि युवती बार-बार 'पापा बचाओ' की गुहार लगा रही है।

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जौनपुर में नाबालिग के साथ हैवानियत

Photo : BCCL

Jaunpur Viral Video: उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक नाबालिग युवती से दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। करीब छह लोगों ने युवती के साथ खेत में न केवल हैवानियत की कोशिश की, बल्कि उसका वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। घटना जौनपुर के मछलीशहर तहसील की है। पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मछलीशहर के एक गांव की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई है कि 14 अगस्त की रात वह अपने पति व बेटी के साथ घर के बरामदे में सो रही थी। तभी गांव के छह युवक उसकी बेटी को उठाकर ले गए और उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की।

चीखती रही युवती

महिला ने बताया, आरोपी गांव के ही हैं और उन लोगों से उसकी पुरानी रंजिश है। उसने अपनी शिकायत में बताया कि छह युवक उसकी बेटी के पास पहुंचे और उसे बेहोश कर खेत में घसीट ले गए। इस दौरान बारी-बारी से उसके साथ हैवानियत को अंजाम दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि युवती बार-बार 'पापा बचाओ' की गुहार लगा रही है और युवक उसके साथ हैवानियत को अंजाम दे रहे हैं। इसके बाद युवती की चीख सुनकर गांव के लोग खेते की तरफ दौड़े, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग निकले।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

यह घटना 14 अगस्त की बताई जा रही है। हालांकि, घटना के बाद परिवारीजनों ने लोकलाज के डर से पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई। लेकिन आरोपियों ने वारदात का वीडियो बुधवार को सार्वजनिक कर दिया, जिसके बाद युवती की मां ने गांव के छह लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आशीष, विक्की, गोरे, प्रमोद, पप्पू, शेषमणि के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा ने बताया कि पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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