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Jabalpur News: सिरफिरे आशिक का खूनी खेल, दिनदहाड़े नाबालिग युवती को चाकू से गोदा, CCTV में कैद हुई वारदात

Jabalpur Crime News: जबलपुर में हुई इस सनसनीखेज घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है। देखा जा सकता है कि गुरफान एक कार का पीछा करता है। जैसे ही कार सड़क किनारे रुकती है, गुरफान उसके पास जाता है और दरवाजा खोलकर मुस्कान पर चाकू से वार कर देता है।

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Jabalpur Murder

Photo : iStock

Jabalpur Crime News: मध्य प्रदेश के जबलपुर से सिरफिरे आशिक का खूनी खेल सामने आया है। यहां 21 साल के गुरफान ने बीच सड़क एक युवती का बेहरमी से कत्ल कर दिया। गुरफान ने युवती की गर्दन पर चाकू से कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद गुरफान मौके पर फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरे हत्याकांड की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है।

पुलिस ने बताया कि घटना ओमती थाना क्षेत्र की है। यहां ओमती थाने से कुछ दूरी पर घंटाघर के पास हुई वारदात से सनसनी मच गई। अधिकारियों ने बताया कि मछरहाई का रहने वाला गुरफान 17 साल की मुस्कान (बदला हुआ नाम) को पसंद करता था। वह मुस्कान के दूसरे लड़के के साथ घूमने पर नाराज था। सोमवार शाम गुरफान ने मुस्कान की कार का पीछा किया और कार रुकते ही उसकी हत्या कर दी। सामने आया है कि गुरफान ने मुस्कान की हत्या की प्लानिंग पहले से ही कर ली थी।

सामने आया सीसीटीवी

इस पूरी घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि गुरफान एक कार का पीछा करता है। जैसे ही कार सड़क किनारे रुकती है, गुरफान उसके पास जाता है और दरवाजा खोलकर मुस्कान पर चाकू से वार कर देता है। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आरोपी युवक मौके पर फरार हो गया। सीसीटीवी में आसपास के लोग गुरफान को पकड़ने के लिए उसके पीछे भागते भी दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वह बचकर भाग निकलता है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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