क्राइम

खुद को IPS बताकर किया नौकरी दिलाने का वादा, होटल में बुलाकर 20 साल की युवती के साथ कई बार किया रेप, अब गिरफ्तार

Haryana Crime News in Hindi: आरोपी ने एक सोशल मीडिया मंच पर खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर पीड़िता से दोस्ती की और उसे मिलने के बहाने बुलाकर घटना को अंजाम दिया। इस दौरान तीन लाख रुपये, सोने की चूड़ी, एक मंगलसूत्र, सोने का लॉकेट भी ले लिया।

Image

Crime News

Photo : Times Now Digital

Haryana Crime News: हरियाणा के जींद में एक युवती से कथित तौर पर दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाने और तीन लाख रुपये व सोने के गहने ऐंठने के लिए एक व्यक्ति को राजस्थान के हनुमानगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने खुद को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) का अधिकारी बताकर युवती को अपने जाल में फंसाया था।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने एक सोशल मीडिया मंच पर पीड़िता से दोस्ती की और उसे मिलने के बहाने बुलाकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान राजस्थान के दीपलाना बारनी के रहने वाले अजय के रूप में हुई है। गिरफ्तार किए गए आरोपी को अदालत से पांच दिन की रिमांड पर लिया गया है साथ ही ठगी गई तीन लाख रुपये की नकदी भी बरामद कर ली गयी।

नौकरी लगवाने का किया था वादा

पुलिस के मुताबिक, सदर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 20 वर्षीय युवती ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी से उसकी जान-पहचान एक सोशल मीडिया मंच पर हुई, जिसने खुद को हनुमानगढ में आईपीएस अधिकारी बताया। पुलिस ने पीड़िता के हवाले से बताया कि आरोपी ने उसको सरकारी नौकरी लगवाने का वादा किया था, जिसकी एवज में उसने आठ लाख रुपये मांगे। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने युवती को मिलने के लिए बुलाया और उसे एक होटल में ले जाकर नशीला पदार्थ पिलाने के बाद उससे दुष्कर्म किया साथ ही अश्लील वीडियो भी बनाया।

पांच महीने तक कई बार किया रेप

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फरवरी महीने से जून तक पीड़िता से कई बार दुष्कर्म किया और इस दौरान तीन लाख रुपये, सोने की चूड़ी, एक मंगलसूत्र, सोने का लॉकेट भी ले लिया। शहर थाना की जांच अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक रीना रानी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को हनुमानगढ़ के वार्ड नौ के दीपलाना बारनी से गिरफ्तार कर पांच दिन की रिमांड पर लिया है और उसके कब्जे से तीन लाख रुपये की नकदी भी बरामद की है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article