दिल्ली हाईकोर्ट ने एक कलयुगी पिता की सजा को बरकरार रखते हुए उसकी अपील खारिज कर दी है। निचली अदालत ने 2017 में 9 साल की नाबालिग बेटी से लगातार रेप करने के मामले में उसे दोषी मानते हुए 10 साल के लिए जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया था।
जस्टिस मनोज कुमार ओहरी का अहम फैसला
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने अपने आदेश में कहा कि दोषी पिता की दलीलें न तो अभियोजन पक्ष के गवाहों की विश्वसनीयता पर कोई असर डाल सका और न ही मेडिकल रिपोर्ट (MLC) और फॉरेंसिक (FSL) रिपोर्ट में सामने आए सबूतों को झुठला सका। अदालत ने माना कि पीड़ित पक्ष ने ऐसे मजबूत और विश्वनीय सबूत रखे, जिससे POCSO एक्ट की धारा 29 के तहत आरोपी पर लगाए गए आरोपों को साबित किया जा सका।
पीड़ित बेटी और उसकी मां गवाही में पलटी, फिर भी सबूत मजबूत
अदालत ने आदेश देते हुए कहा कि भले ही पीड़िता और उसकी मां गवाही के दौरान अपने बयान से पलट गईं, इसके बावजूद मेडिकल और फॉरेंसिक सबूतों ने आरोपी पिता की इस दुष्कर्म में संलिप्तता साफ कर दी। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता और उसके मां की शुरुआत में दिए गए बयानों को खारिज नहीं किया जा सकता है। क्योंकि इसके अलावा पीड़िता की स्कूल टीचर, फॉरेंसिक एक्सपर्ट, डॉक्टर के साथ ही अन्य सबूत दुष्कर्म की तस्दीक करते हैं।
DNA की जांच में पिता ही निकला दोषी
फॉरेंसिक जांच में पीड़िता से लिए गए रेक्टल स्वैब, स्मीयर और अंडरवियर से प्राप्त डीएनए प्रोफाइल आरोपी पिता से पूरी तरह मेल खाता है। कोर्ट ने कहा कि यह वैज्ञानिक सबूत आरोपी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त है।
ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि रिकॉर्ड की गहन जांच के बाद इस नतीजे पर पहुंचा जा सकता है कि निचली अदालत का निर्णय सही था। अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के सजा और दोषसिद्धि दोनों में हस्तक्षेप की कोई वजह नहीं है।
पीड़िता की आपबीती से खून खौल उठेगा!
अपनी क्लास टीचर के साथ दिल्ली के पुलिस थाने में पीड़िता ने बयान में कहा कि एक महीने पहले मेरी मम्मी को पापा ने गांव में भेज दिया और मम्मी के जाने के बाद बकरा ईद से अगले दिन 3-9-17 को मैं जमीन पर सो रही थी तो रात को पापा ने 12 बजे के करीब मेरे पास आकर गलत काम किया।
दरअसल दोषी बाप अपनी गर्भवती पत्नी को गांव छोड़ आया और अपनी दो छोटी बेटियों के साथ दिल्ली वापस आ गया। एक दिन पीड़िता के स्कूल में गुड टच-बैड टच की क्लास हो रही थी तब उसने अपने साथ चल रहे दुष्कर्म की जानकारी अपनी क्लास टीचर को।
