दिल्ली के मैदानगढ़ी थाना पुलिस ने मीना चावला नाम की एक शिकायतकर्ता की शिकायत पर सिकंदर बहल नाम के एक वकील को गिरफ्तार किया है। मीना चावल ने सिकंदर और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मार्च महीने में एक शिकायत थी जिसमे पुलिस ने ipc धारा 406/34 के तहत एफआईआर दर्ज की। मैदान गढ़ी थाने में पुलिस ने सिकंदर के खिलाफ दो और FIR दर्ज की जिसमे सिकंदर के खिलाफ एक fir में 379/42/ 43 IPC और दूसरी IPC 120b/ 406 के तहत मामला दर्ज हुआ था।
सिकंदर पर आरोप है कि वो संपति को किराए पर या लीज पर लेकर उसके बाद कागजो में हेराफेरी करके पैसे एठने का काम करता था। उसके खिलाफ अमानत में खयानत और धोखाधड़ी जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी कर ली है।
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक फ़्लेयर्स बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड और बेस्टो इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच 14/09/2018 को हुए समझौते से जुड़े दस्तावेज से बहल और उसके परिवार द्वारा की गई एक और जबरन वसूली का मामला प्रकाश में आया। जिसमें उसने एक मकान मालिक के साथ धोखाधड़ी करते करोड़ों रुपए हड़प लिए थे।
पुलिस को तफतीश के दौरान मेसर्स सड्रिन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक शेल कंपनी का भी पता चला है जो सिर्फ लीज डीड बनाने के उद्देश्य से बनाई गई थी। यहां तक कि कंपनी के बैंक रिकॉर्ड में साफ-साफ दिख रहा है कि शिकायतकर्ता को शेल कंपनी की तरफ से लीज़ के लिए एक राशि का भुगतान किया गया है। पुलिस को प्रथम दृष्टया इस मामले में धोखाधड़ी के साक्ष्य मिले। जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।जिसमे ये बात सामने आई कि बिना कोई जरूरी कागजात और ठोस सबूत दिखाए आरोपियों ने संपत्ति को अपना बताया। इस मामले में कुछ और लोगो के शामिल होने की संभावना है।
इस मामले मे कोर्ट ने सिकंदर के खिलाफ रेड के आर्डर भी किए थे और पुलिस जब सिकंदर बहल की गिरफ्तारी के लिए पहुंची उस दौरान सिकंदर ने मैदानगढ़ी थाने के इंस्पेक्टर इन्वेस्टिगेशन के थप्पड़ भी मारा था और पुलिस ने इस मामले में भी सिकंदर बहल के खिलाफ FIR दर्ज की है।
