क्राइम

पति एक और पत्नी छह? मौत के बाद जब आई मुआवजे की बारी तो लाइन से लग गई पत्नियां, 6 लाख का है सवाल

छत्तीसगढ़ के जशपुर में हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत के बाद एक पत्नी नहीं बल्कि छह पत्नियां और उसके बच्चे सामने आ गए हैं और सभी ने मुआवजे की राशि पर अपना दावा ठोक दिया है। ये वो छह लाख रुपये का मुआवजा है जिसे राज्य सरकार किसी जंगली जानवर के हमले में मारे गए व्यक्ति को देती है।

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छत्तीसगढ़ में शख्स की मौत के बाद 6 पत्नियां आईं सामने (फोटो- Meta AI)

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक जंगली हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत ने न सिर्फ उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि स्थानीय प्रशासन को भी बेहद अजीब स्थिति में ला खड़ा किया है। वजह? मृतक सालिक राम टोप्पो की मौत के बाद उसकी एक नहीं, बल्कि छह महिलाओं ने खुद को उसकी पत्नी बताया और राज्य सरकार की ओर से घोषित 6 लाख रुपये के मुआवजे पर अपना-अपना दावा ठोक दिया।

शुरू हुआ 'पत्नी विवाद'

26 जुलाई को पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के चिमटापानी गांव में 55 वर्षीय सालिक राम टोप्पो पर उस वक्त हाथी ने हमला कर दिया, जब वह अपने खेत में काम कर रहा था। हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना वन विभाग के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि जंगली हाथियों की आमद इन इलाकों में लगातार बनी हुई है। सरकार ने घटना के बाद नियमों के अनुसार टोप्पो के "परिवार" को 6 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की — और यहीं से कहानी ने मोड़ ले लिया।

छह महिलाएं, एक पति, एक मुआवजा

सरकारी मुआवजे की घोषणा होते ही एक-एक कर छह महिलाएं सामने आईं और सभी ने खुद को सालिक राम की पत्नी बताया। हर महिला का दावा था कि उसने मृतक के साथ वैवाहिक जीवन बिताया है और वह मुआवजे की कानूनी हकदार है। हालांकि, मृतक के बेटे भागवत टोप्पो ने प्रशासन को बताया कि इन छह महिलाओं में से केवल बुधियारो उसकी "वास्तविक मां" है, और बाकी सभी झूठा दावा कर रही हैं। उसने कहा- "बुधियारो ही हमारे पिता की कानूनी पत्नी थीं। बाकी महिलाएं सिर्फ मुआवजे की लालच में झूठ बोल रही हैं।"

प्रशासन की परेशानी बढ़ी

इस पूरे घटनाक्रम ने वन विभाग और जिला प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक ओर मुआवजा देना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर यह तय करना और भी जरूरी हो गया है कि असली हकदार कौन है। अब पंचायत स्तर से लेकर तहसील और जिला अधिकारियों को इस मामले की गहन जांच करनी पड़ रही है। प्रशासन का कहना है कि सभी दावों की कानूनी और सामाजिक जांच के बाद ही मुआवजा वितरित किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या सालिक राम ने कभी किसी महिला से वैध विवाह किया था, या ये सभी संबंध सामाजिक स्तर पर बने थे।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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