क्राइम

अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन भगोड़ा घोषित, 125 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने के आदेश

अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन और ऑल टाइम डायरेक्टर भगोड़ा घोषित हो गए हैं। उनकी करीब 125 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने के आदेश दिए गए हैं।

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अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन भगोड़ा घोषित (फाइल फोटो)

राउज एवेन्यू जिला अदालत की विशेष PMLA/FEOA कोर्ट ने 6 फरवरी 2026 के अपने आदेश में करन ए. चनाना (अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर) और अनीता डैंग (कंपनी की होल टाइम डायरेक्टर) को फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर यानी आर्थिक अपराध करके देश से भागे हुए आरोपी घोषित कर दिया है। कोर्ट ने इनके और इनसे जुड़ी कंपनियों की करीब 123.85 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने का आदेश भी दिया है। यह कार्रवाई फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट 2018 के तहत की गई है।

यह फैसला ED (प्रवर्तन निदेशालय) के गुरुग्राम जोनल ऑफिस की उस याचिका के आधार पर लिया गया, जिसमें दोनों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग की गई थी। हाल ही में इंटरपोल ने भी ED के अनुरोध पर करन चनाना के खिलाफ सिल्वर नोटिस जारी किया है, ताकि दुनिया भर में उनकी संपत्तियों का पता लगाया जा सके और उन्हें फ्रीज़ किया जा सके।

CBI द्वारा दर्ज FIR से शुरू हुआ था

यह मामला CBI द्वारा दर्ज FIR से शुरू हुआ था। आरोप है कि अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर-प्रमोटरों ने बैंकों से लिए गए पैसे में गड़बड़ी, फंड डायवर्जन, धोखाधड़ी और विश्वासघात किया, जिससे कनारा बैंक के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम को लगभग 1201.85 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। अमीरा फूड्स ग्रुप पैक्ड फूड, खासकर बासमती चावल के कारोबार में था।

कंपनी ने बैंकों से करीब 1201.85 करोड़ रुपये का लोन लिया

ED की जांच में सामने आया कि कंपनी ने बैंकों से करीब 1201.85 करोड़ रुपये का लोन लिया, जो बाद में 2017 में NPA हो गया। जांच में कई लोगों और कंपनियों की भूमिका सामने आई, और 21 व्यक्तियों/कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल की जा चुकी है।

अब तक ED ने इस मामले में 131.51 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त (अटैच) की हैं, जिसे संबंधित प्राधिकरण ने भी मंजूरी दे दी है।

करन चनाना और अनीता डैंग भारत छोड़कर भाग चुके हैं

ED की जांच में यह भी पता चला कि करन चनाना और अनीता डैंग भारत छोड़कर भाग चुके हैं और माना जा रहा है कि वे क्रमशः यूके और यूएई में रह रहे हैं। वे भारत की अदालतों का सामना करने से बच रहे हैं। इनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट और लुक-आउट सर्कुलर जारी किए जा चुके हैं। ED अभी भी इनकी और इनके परिवार की देश-विदेश में बाकी संपत्तियों का पता लगाने की जांच जारी रखे हुए है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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