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Delhi: बदमाशों ने हथियार के बल पर कलेक्शन एजेंट को बनाया निशाना, लूटा नकदी से भरा बैग

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास इलाके में बदमाशों ने दिनदहाड़े एक कलेक्शन एजेंट को निशाना बनाते हुए नकदी से भरा बैग लूट लिया। बाइक पर सवार चार अज्ञात आरोपियों ने एटीएम के पास पीड़ित को रोककर हथियार के बल पर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं।

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उत्तर-पूर्वी दिल्ली में चार लोगों ने 'कलेक्शन एजेंट' से नकदी लूटी

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Delhi News: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास क्षेत्र में बाइक सवार चार अज्ञात बदमाशों ने 27 वर्षीय एक कलेक्शन एजेंट से नकदी से भरा बैग लूट लिया। इस घटना की जानकारी पुलिस ने रविवार को दी। पीड़ित की पहचान अविनाश के रूप में हुई है, जो ओल्ड सीलमपुर का रहने वाला है और चांदनी चौक इलाके में एक कबाड़ कारोबारी के लिए कलेक्शन एजेंट के तौर पर काम करता है। पुलिस के अनुसार यह वारदात शनिवार को इलाके में स्थित एक बैंक एटीएम के पास हुई।

मामले की जांच शुरू

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अविनाश अपने स्कूटर पर नकदी लेकर जा रहा था। इसी दौरान एटीएम के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार लोगों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने हथियार दिखाकर उसे धमकाया, उसके पास मौजूद नकदी से भरा बैग छीना और वहां से फरार हो गए। अधिकारी के अनुसार घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी सबूत जुटाए। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई गई हैं।

जबरन वसूली के मामले में लॉरेंस बिश्नोई समेत तीन आरोपमुक्त

वहीं, दिल्ली की एक अदालत ने कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के केस में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और दो अन्य को आरोपमुक्त कर दिया है। अभियोजन पक्ष अपराध को साबित करने के लिए सबूत पेश करने में असफल रहा, ऐसा अदालत ने कहा। बताया जा रहा है कि, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूपुर गुप्ता ने रमन दीप सिंह की शिकायत पर सनलाइट कॉलोनी पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 387 (जबरन वसूली के प्रयास में किसी व्यक्ति को मौत या गंभीर चोट का भय दिखाना) के तहत दर्ज एक मामले में लॉरेंस बिश्नोई, हरेन सरपदाड़िया और आशीष शर्मा को आरोपमुक्त कर दिया।

शिकायतकर्ता ने बताया कि 23 और 24 अप्रैल 2023 की रात के बीच उसे एक अज्ञात नंबर से कई फोन कॉल आए। इन कॉलों में उसे जान से मारने की धमकी दी गई और एक करोड़ रुपये देने की मांग की गई। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 386 (जान से मारने या गंभीर चोट पहुंचाने की धमकी देकर जबरन वसूली) और धारा 387 के साथ-साथ धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया।

हालांकि अदालत ने कहा कि आईपीसी की धारा 386 के तहत जबरन वसूली का अपराध तभी बनता है, जब किसी व्यक्ति को मौत या गंभीर चोट का डर दिखाकर उससे संपत्ति वास्तव में हासिल की गई हो। इस मामले में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया। अदालत ने 20 फरवरी को दिए अपने आदेश में कहा, “न तो शिकायतकर्ता ने यह आरोप लगाया है कि धमकी के कारण उसने कोई संपत्ति सौंपी और न ही आरोप पत्र में इसका कोई उल्लेख किया गया है।” इसके साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि आईपीसी की धारा 387 के तहत अपराध साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ऐसा कोई ठोस या स्पष्ट कृत्य प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता में मौत या गंभीर चोट का भय पैदा किया था।

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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