क्राइम

गजब! एक ही नंबर पर दौड़ रही थीं दो फॉर्च्यूनर, दोनों ही चोरी की निकली

दिल्ली में सड़क पर दौड़ती हुई दो फॉर्च्यूनर (Fortuner) जब एक ही नंबर की निकली तो पुलिस अलर्ट हो गई, दोनों के बारे में जब पता लगाया गया तो पता चला कि दोनों ही चोरी की है।

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दोनों फॉर्चुनर चोरी की निकली

दिल्ली में चोरी की गाड़ियां किस तरह से सड़कों पर दौड़ रही है, इससे समझिए कि एक ही नंबर की दो फॉर्च्यूनर सड़क पर मिलती है, जांच में दोनों चोरी की निकलती है। स्वतंत्रता दिवस से पहले चोरी के वाहनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में दिल्ली पुलिस की वेस्ट जिला AATS टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो Toyota Fortuner SUV बरामद की हैं। खास बात यह है कि दोनों गाड़ियों पर एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर लगा हुआ था। जांच के दौरान दोनों वाहन चोरी के निकले।

AATS को मिली थी सूचना

पुलिस के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। इसी के तहत AATS की टीम को संदिग्ध वाहनों और पुराने वाहन खरीदने-बेचने वालों की लगातार जांच के निर्देश दिए गए थे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दिल्ली-NCR में दो Toyota Fortuner एक ही नंबर से अलग-अलग जगहों पर चल रही हैं। सूचना के बाद टीम ने CCTV फुटेज खंगाले और वाहनों के मालिकाना हक से जुड़ी जानकारी की जांच की। इसके बाद अलग-अलग जगहों से दोनों फॉर्च्यूनर को ट्रेस कर AATS कार्यालय लाया गया।

दोनों निकली चोरी की

पुलिस ने जब दोनों वाहनों की जांच की तो दोनों पर एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर और एक ही चेसिस नंबर दर्ज मिला। इसके बाद दोनों गाड़ियों को अधिकृत Toyota सर्विस सेंटर ले जाकर तकनीकी जांच कराई गई। जांच में पुष्टि हुई कि दोनों SUV चोरी की हैं। जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि बरामद की गई एक फॉर्च्यूनर गांधी नगर थाने में दर्ज ठगी के एक मामले में भी इस्तेमाल हुई थी। इस संबंध में संबंधित जांच अधिकारी को जानकारी दे दी गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने विवेक विहार निवासी 23 वर्षीय आर्यन मावी को आरोपी बनाया है। पुलिस ने दो Toyota Fortuner SUV बरामद की हैं।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई से गांधी नगर थाने के E-FIR नंबर 010560/2021 और FIR नंबर 231/19, जबकि प्रीत विहार थाने के E-FIR नंबर 020095/2021 से जुड़े मामलों को भी वर्कआउट किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की दोनों गाड़ियों को एक ही नंबर और चेसिस नंबर के साथ कैसे इस्तेमाल किया जा रहा था और इनके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

Mohit Om
मोहित ओमauthor

जनमानस की खबर को पाठकों तक पहुंचाना ही एकमात्र लक्ष्य। एक दशक से ज्यादा पत्रकारिता का अनुभव। अपराध के पीछे की साजिश को बेपर्दा करने वाली हर खबर पर पैनी निगाह रखता हूँ।

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