क्राइम

कारनामे ही कारनामे हैं बिहार में! बेल किसी और को मिली, रिहा कोई और हो गया

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Mar 27, 2023, 08:11 PM IST

बिहार में पुलों की चोरी, मोबाइल टावर की चोरी यहां तक कि आपने रेलवे इंजन तक की चोरी की कहानी आपने सुनी होगी, लेकिन इस बार एक अलग ही कारनामा सामने आया है। इस बार गलती पुलिस ने हुई है। इस मामले में बेल किसी और को मिला और पुलिस ने रिहा किसी और को कर दिया है।

Image

मुजफ्फरपुर जेल से किसी और के बेल पर एक कैदी हुआ रिहा (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)

बिहार (Bihar) में कारनामे ही कारनामे हैं, कभी चोरों का कारनामा तो कभी पुलिस वालों का कारनामा। चोर पुल और टावर की चोरी कर लेते हैं तो अधिकारी किसी और के बेल पर किसी दूसरे को जेल से छोड़ देते हैं। मामला मुजफ्फरपुर का है।

कहां कि है घटना

मुजफ्फरपुर में एक केंद्रीय जेल है, नाम महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस पर है- शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा, यहीं का यह कारनामा है। अब पुलिस उस कैदी की तलाश में जुटी है, जो उनकी गलती की वजह से रिहा होकर बाहर मजे लूट रहा है।

कब की है घटना

NBT के अनुसार घटना पिछले साल नवंबर की है, लेकिन तब से मामला सामने नहीं आया था, इस महीने जाकर यह लोगों के सामने आया है। मीनापुरा थाना क्षेत्र के शंकर पट्टी के रहने वाले गुड्डू कुमार जेल में बंद था। उसे कोर्ट से जमानत मिली, कोर्ट का आदेश जेल पहुंचा और वहां से सारी प्रक्रिया पूरी करके कोर्ट ने गुड्डू कुमार को रिहा कर दिया।

यहां आया ट्विस्ट

रिहा करने के दौरान ही खेल हो गया। दरअसल शंकर पट्टी के ही दो गुड्डू कुमार जेल में बंद थे। दोनों का नाम तो एक था, लेकिन पिता का नाम अलग-अलग था। जेल अधिकारियों ने यहीं पर गलती कर दी, उन्होंने पिता का नाम नहीं मिलाया और गलत गुड्डु कुमार को रिहा कर दिया।

परिजनों ने खोला राज

उधर जब जमानत मिलने के बाद भी गुड्डू कुमार घर नहीं पहुंचे तो परिजनों को हैरानी हुई। उन्होंने जेल अधिकारियों से बात की, तब जाकर इस गलती की जानकारी सामने आई कि गलत गुड्डू कुमार को जेल से रिहा कर दिया गया। अब इसकी जांच हो रही है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article