Verdict on Atiq Ahmed: अतीक अहमद (Atiq Ahmed) सहित तीन लोगों को उमेश पाल अपहरण मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई है, अदालत ने इसके साथ ही तीनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, वहीं इस मामले में फैसला आने के बाद प्रयागराज पुलिस उसे वापस गुजरात की साबरमती जेल- (Sabarmati Jail) ले जाया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस बारे में नैनी जेल के अधिकारियों के अनुसार माफिया अतीक अहमद को इस केस की सुनवाई के लिए प्रयागराज लाया गया था। अब इस मामले में उसे सजा हो गई है, इसके बाद उसे वापस साबरमती जेल भेज दिया जाएगा वहीं अतीक के भाई अशरफ को भी बरेली जेल में वापस भेजा जाएगा उसे भी इस मामले में प्रयागराज लाया गया था।
अतीक अदालत के इस निर्णय को उच्च न्यायालय में देगा चुनौती
प्रयागराज की एक विशेष अदालत ने पूर्व विधायक राजूपाल हत्याकांड मामले के प्रमुख गवाह रहे उमेश पाल के अपहरण के करीब 17 साल पुराने मामले में कथित माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद समेत तीन आरोपियों को मंगलवार को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी। अतीक अहमद ने खुद को मिली सजा के बारे में कहा कि वह अदालत के इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती देगा।
इस मामले में कुल 11 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। सुनवाई के दौरान उनमें से एक की मौत हो गयी थी। अतीक अहमद उमेश पाल हत्याकांड सहित 100 से अधिक आपराधिक मामलों में नामजद है। उसे पहली बार किसी मामले में सजा सुनायी गयी है।इस बीच, अतीक अहमद ने एक समाचार चैनल से कहा, 'हम उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। फैसला गलत हुआ है।'
अतीक अहमद को नैनी सेंट्रल जेल से उसे साबरमती जेल ले जाया जाएगा
इस बीच, नैनी सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक शशिकांत सिंह ने बताया कि अशरफ के 'कैदी वाहन' को अदालत से ही बरेली जेल के लिए रवाना किया गया, जबकि अतीक अहमद को नैनी सेंट्रल जेल लाया गया है और यहां से उसे साबरमती जेल ले जाया जाएगा, क्योंकि माननीय अदालत ने जो अभिरक्षा वारंट बनाया है, वह साबरमती जेल के लिए बनाया है।
अतीक अहमद समेत सभी दोषियों को फांसी देने की मांग
अतीक अहमद को अदालत में पेश किए जाने के दौरान कचहरी परिसर में मौजूद वकीलों ने अतीक अहमद समेत सभी दोषियों को फांसी देने की मांग करते हुए नारेबाजी की। कथित माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ को उमेश पाल के अपहरण के मामले में प्रयागराज की सांसद-विधायक अदालत में अपराह्न करीब 12 बजे पेश किया गया।
राजू पाल हत्याकांड मामले में अतीक अहमद आरोपी
अहमद को गुजरात की साबरमती जेल और अशरफ को बरेली जेल से सोमवार को प्रयागराज की नैनी केन्द्रीय कारागार में लाया गया था। उमेश पाल 25 जनवरी 2005 को बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मामले का चश्मदीद गवाह था। राजू पाल हत्याकांड मामले में अतीक अहमद आरोपी है। उमेश ने आरोप लगाया था कि जब उसने अहमद के दबाव में पीछे हटने और झुकने से इनकार कर दिया तो 28 फरवरी 2006 को उसका अपहरण कर लिया गया था। अतीक, उसके भाई अशरफ और चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ पांच जुलाई 2007 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अदालत में पेश किए गए आरोप पत्र में 11 आरोपियों का जिक्र किया गया था।
