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अतीक अहमद फिर पहुंचा साबरमती जेल, प्रयागराज से यूपी पुलिस लाई वापस, मिली है उम्रकैद की सजा, देखें VIDEO

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Mar 29, 2023, 09:54 PM IST

Atiq Ahmed reached Sabarmati Jail:गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद को कड़ी सुरक्षा के बीच बुधवार की शाम अहमदाबाद के साबरमती केन्द्रीय कारागार वापस लाया गया।

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अतीक अहमद को बुधवार की शाम अहमदाबाद के साबरमती केन्द्रीय कारागार वापस लाया गया

mafia Atiq Ahmed update: मंगलवार को प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया था। कोर्ट ने पहले माफिया अतीक अहमद समेत तीन आरोपियों को दोषी करार दिया। जिसके बाद सभी दोषियों को आजीवन करावास की सजा सुनाई गई। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में प्रयागराज की एक अदालत ने 2006 के उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक को मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी।

एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश से पूर्व विधायक और लोकसभा के पूर्व सदस्य अतीक अहमद को कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज से 24 घंटे की लंबी यात्रा के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की वैन से गुजरात लाया गया। वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश पुलिस 60 वर्षीय गैंगस्टर को लेकर आयी है और जेल परिसर में प्रवेश कर रही है।

रियल एस्टेट व्यवसायी के अपहरण और मारपीट का आरोप लगाया गया था

उत्तर प्रदेश पुलिस ने साबरमती जेल से रविवार को अतीक अहमद को हिरासत में लिया और उसे प्रयागराज ले गए जहां विशेष एमपी/एमएलए अदालत ने अपहरण के मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनायी। फूलपुर से समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद अतीक अहमद को जून 2019 में तब गुजरात के साबरमती केंद्रीय जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था, जब उत्तर प्रदेश में जेल में रहने के दौरान रियल एस्टेट व्यवसायी मोहित जायसवाल के अपहरण और मारपीट का आरोप लगाया गया था।

अतीक अहमद के भाई ने फिर जतायी अपनी जान को खतरे की आशंका

अपहरण के मामले में उम्रकैद की सज़ा पाए पूर्व सांसद अतीक अहमद के भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ ने इसी मामले में प्रयागराज की अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद, अपनी जान को खतरा होने की बात फिर दोहरायी है।अशरफ को मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात को बरेली जेल पहुंचा दिया गया।बरेली कारागार के अधिकारियों ने बताया कि अशरफ को मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब दो बजे जेल पहुंचा दिया गया।

जेल के वाहन में बैठे अशरफ ने संवाददाताओं से कहा, 'एक अधिकारी ने मुझे धमकी दी है कि उमेश पाल अपहरण मामले में तो बच गए हो मगर जेल से दो सप्ताह बाद निकालकर तुम्हारी हत्या कर दी जाएगी।'

'जेल में फिलहाल मुझे कोई खतरा नहीं है, जेल के बाहर खतरा है'

पूर्व विधायक अशरफ ने कहा, 'अगर ऐसा हुआ तो उस अधिकारी का नाम लिखा मेरा बंद लिफाफा उच्चतम न्यायालय, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री के सामने खोल दिया जाए।' इस सवाल पर कि क्या उसे जेल के अंदर भी अपनी हत्या की आशंका है, अशरफ ने कहा, 'जेल में फिलहाल मुझे कोई खतरा नहीं है। जेल के बाहर खतरा है।' उसने कहा कि उसे उमेश पाल अपहरण मामले में प्रयागराज की विधायक/सांसद अदालत ने बरी किया है और उसे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है तथा अन्य मामलों में भी दोषमुक्त करार दिये जाने की उम्मीद है।

अतीक अहमद समेत तीन आरोपियों को उम्र कैद की सजा

प्रयागराज की एक विशेष अदालत ने पूर्व विधायक राजूपाल हत्याकांड मामले के प्रमुख गवाह रहे उमेश पाल के अपहरण के करीब 17 साल पुराने मामले में कथित माफिया और पूर्व सांसद अहमद समेत तीन आरोपियों को मंगलवार को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सज़ा सुनाई थी और उसके भाई अशरफ समेत सात आरोपियों को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।

रवि वैश्य
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रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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