फेसबुक पर जिसे समझा विदेशी महिला वह निकला बिहार का नीरज, महिला ने गवाएं ढ़ाई करोड़ रुपये

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 21, 2021, 01:53 PM IST

सोशल मीडिया के इस दौर में साइबर अपराधों का सिलसिला भी तेज हो गया है। राजस्थान में एक महिला से फेसबुक पर दोस्ती के बाद करीब ढ़ाई करोड़ रुपये की ठगी हुई है।

फेसबुक पर जिसे समझा विदेशी महिला वह निकला बिहार का नीरज, महिला ने गवाएं ढ़ाई करोड़ रुपये

जयपुर: राजस्थान पुलिस ने एक महिला से विदेशी महिला बनकर फेसबुक पर दोस्ती कर ढाई करोड़ रुपये ठगने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। रविवार को गिरफ्तार किए गए शख्स की पहचान नीरज सूरी के रूप में हुई है और वह बिहार का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक उसने फेसबुक पर रेबेका क्रिस्टीन नाम की विदेशी महिला बताकर महिला से ठगी की। रेबेका सवाई माधोपुर निवासी गुंजन शर्मा की दोस्त बन गई थी और उसे कहा कि वह एक विधवा और कैंसर की मरीज है और उसके पास 28 करोड़ रुपये की संपत्ति है।

ऐसे हुई ठगी

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उसने आगे कहा कि चूंकि उसकी संपत्ति का कोई वारिस नहीं है, इसलिए वह इसे गुंजन को हस्तांतरित करना चाहती थी।आरोपी ने आगे पीड़िता से कहा कि उसके वकील बरमेक्स और एक भारतीय प्रतिनिधि बैन जॉनसन आगे के कदम के लिए उससे संपर्क करेंगे। इसके बाद, गुंजन को विदेशी मुद्रा विभाग से एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसके बाद उसने कस्टम कार्यालयों द्वारा जब्त किए गए महंगे उपहारों पर लगाए गए जुर्माने के नाम पर इसके द्वारा साझा किए गए विभिन्न खातों में 2.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जिसे आरबीआई शुल्क, प्रसंस्करण शुल्क, अधिवक्ता व्यय, आदि सहित विभिन्न श्रेणियों के तहत विभाजित किया गया था।

पुलिस में कराई शिकायत

यह जानने के बाद कि उसे ठगा गया है, गुंजन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस उप महानिरीक्षक एसओजी शरत कविराज ने अपनी टीम के साथ खातों के आधार पर पतों का पता लगाया और आरोपी को मसूरी और देहरादून में चल रहे उसके कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी फर्जी सीए कार्ड के साथ काम कर रहा था और उसने जीएसटी, आईटीआर, पैन कार्ड, आधार कार्ड विवरण का उपयोग करके ऋण प्राप्त करने और फर्जी खाते खोलने के लिए दिल्ली, मसूरी और देहरादून में कार्यालय खोले थे।

कर चुका है पहले भी ठगी

वह कुछ नाइजीरियाई नागरिकों के साथ भी काम कर रहा था ताकि उनके लिए फर्जी खाते खोलकर अधिक कमीशन अर्जित किया जा सके। आरोपी फर्जी पहचान के साथ फेसबुक रिक्वेस्ट भेजकर नाइजीरियाई मूल के विदेशियों के साथ गैंगरेप करता था और उपहार व मोटी रकम देने के बहाने उन्हें फंसाता था और ठगता था। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए आरोपी ने पिछले पांच साल में छह अलग अलग जगहों पर दफ्तर खोले थे। इस मामले में जांच जारी है।अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एटीएस और एसओजी, राजस्थान, जयपुर ने लोगों से अपील की है कि वे अज्ञात व्यक्तियों द्वारा किए गए प्रस्तावों के बहकावे में न आएं।

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