Bulli Bai case: मुख्‍य आरोपी महिला उत्‍तराखंड से गिरफ्तार, 10 जनवरी तक हिरासत में भेजा गया इंजीनियरिंग स्‍टूडेंट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 4, 2022, 06:33 PM IST

Bulli Bai वेबपेज के सिलसिले में पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्‍य आरोपी महिला को जहां उत्‍तराखंड से गिरफ्तार किया गया है, वहीं इस मामले में एक अन्‍य आरोपी को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था, जिसे मुंबई में बांद्रा की कोर्ट ने 10 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

Bulli Bai case: मुख्‍य आरोपी महिला उत्‍तराखंड से गिरफ्तार, 10 जनवरी तक हिरासत में भेजा गया इंजीनियरिंग स्‍टूडेंट
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मुंबई: मुंबई पुलिस के साइबर अधिकारियों ने Bulli Bai वेबपेज से संबंधित मामले में मुख्‍य आरोपी एक महिला को उत्तराखंड से हिरासत में लिया है। यह मामला वेब पोर्टल पर 100 से अधिक मुस्लिम महिलाओं की कथित नीलामी से जुड़ा है। इसमें उनकी तस्‍वीरों से छेड़छाड़ कर उन्‍हें इस्‍तेमाल किया गया था। इस मामले में पुलिस ने बेंगलुरु से 21 साल के एक इंजीनियरिंग स्‍टूडेंट को भी गिरफ्तार किया है, जिसे कोर्ट ने 10 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले में 21 वर्षीय इंजीनियरिंग स्‍टूडेंट विशाल कुमार को सोमवार को बेंगलुरु से हिरासत में लिया था। उसे मंगलवार को मुंबई स्थित बांद्रा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 10 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। बताया जा रहा है कि वह इस मामले में मुख्य आरोपी महिला के सीधे संपर्क में था और दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे। इस तरह इस मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

तीन अकाउंट्स चलाती थी महिला

पुलिस के मुताबिक, मुख्‍य आरोपी महिला जहां Bulli Bai से संबंध‍ित तीन अकाउंट्स का संचालन कर रही थी, वहीं इस मामले में एक अन्‍य आरोपी विशाल कुमार ने खालसा नाम से एक नया फर्जी अकांउट ओपन किया था। 31 दिसंबर को उसने कई अन्‍य अकाउंट्स के नाम बदले थे, जो सिख नामों से मिलते-जुलते थे। इस मामले में एक महिला पत्रकार ने दिल्‍ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

'बुली बाई' वेबपेज 1 जनवरी को होस्टिंग प्लेटफॉर्म GitHub पर लॉन्‍च किया गया था, लेकिन यह तुरंत विवादों में घिर गया। एप के ओपन होते ही इसमें एक मुस्लिम महिला का चेहरा Bulli Bai के तौर पर दिखा। इसके जरिये कई नामी सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों सहित प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाया गया और उनकी छेड़छाड़ की गई तस्वीरों को एप पर अपलोड किया गया।
 

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