Cyber Crime: गुजरात के अहमदाबाद में पेटीएम अधिकारी बनकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। साइबर क्राइम ब्रांच ने 6 जालसाजों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने 10 अलग-अलग शहरों के 500 लोगों के साथ फर्जीवाड़ा कर एक-दो करोड़ रुपये की ठगी की।
क्या है पूरा मामला?
साइबर क्राइम ब्रांच ने जिन जालसाजों को गिरफ्तार किया है वह खुद को पेटीएम का अधिकारी बताकर धोखाधड़ी करते थे। अहमदाबाद के वासणा इलाके के निवासी जयेशभाई देसाई की शिकायत पर साइबर क्राइम ब्रांच ने छानबीन शुरू की जिसके जरिए यह मामला सामने आया।
बुजुर्ग के साथ लाखों की ठगी
पेटीएम साउंड बॉक्स के नाम पर ठगी करने वाले इस गिरोह ने वासणा के एक बुजुर्ग को निशाना बनाया और लाखों रुपये गायब कर दिए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दो आरोपियों ने उनके डेबिट कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया और उनके मोबाइल फोन का ऐप पासवर्ड हासिल कर दो अलग-अलग लेन-देन में 5.99 लाख रुपये की ठगी की। इस आधार पर साइबर क्राइम ने गोविंद खटीक, ब्रिजेश पटेल, पराग मिस्त्री, राज पटेल, डिलक्स सूथार और प्रीतम सूथार सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया।
Paytm साउंड बॉक्स के नाम पर ठगी
साइबर क्राइम के एसीपी हार्दिक मांकडिया ने बताया कि इस गिरोह का ठगी करने का तरीका बेहद शातिराना था। आरोपी दुकानदारों के पास जाकर खुद को पेटीएम का अधिकारी बताते और पेटीएम साउंड बॉक्स को मुफ्त में चार्ज करने के बहाने उनका मोबाइल फोन ले लेते। इसके बाद वह बैंकिंग पिन नंबर हासिल कर लेते और दुकानदारों के खातों से पैसा ट्रांसफर कर लेते थे।
जालसाजी गिरोह पैसों को अवैध ऑनलाइन गेमिंग साइट्स में निवेश करते थे। अहमदाबाद के रानीप निवासी ब्रिजेश पटेल इस गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। ब्रिजेश पटेल ने 10वीं की पढ़ाई करने के बाद आईटीआई में दाखिल लिया। ब्रिजेश तो पहले पेटीएम में सेल्स और मार्केटिंह का काम कर चुका है और इसी अनुभव का इस्तेमाल कर पेटीएम साउंड बॉक्स के नाम पर लोगों से ठगी करने लगा।
गिरोह में शामिल तमाम सदस्यों का अलग-अलग काम होता था। प्रीतम नामक आरोपी पहले पेटीएम कंपनी में काम कर चुका है और उसके खिलाफ हत्या और मारपीट सहित 10 से ज्यादा केस दर्ज हैं। साइबर क्राइम ब्रांच ऐसे ही मामले में पहले तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, इन छह जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है और पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
