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Atiq Ahmed: अतीक अहमद का केस लड़ रहा वकील सौलत हनीफ भी गिरफ्तार, मिली है उम्रकैद की सजा

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Mar 28, 2023, 05:09 PM IST

Advocate Saulat Hanif life sentence: उमेश पाल अपहरण मामले में माफिया अतीक अहमद समेत तीन लोगों को दोषी करार दिया गया है। अदालत ने अतीक अहमद, दिनेश पासी और अतीक के वकील सौलत हनीफ को आईपीसी की धारा 364ए,120बी के तहत दोषी पाया है।

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अतीक अहमद का केस लड़ रहे वकील सौलत हनीफ भी गिरफ्तार

mafia Atiq Ahmed Lawyer Arrest: माफिया से राजनेता बने अतीक अहमद सहित तीन लोगों को उमेश पाल अपहरण मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई है, इसमें अतीक का वकील सौलत हनीफ (Advocate Saulat Hanif) भी शामिल है उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है अदालत ने इसके साथ ही तीनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

इसके अलावा इस मामले में अतीक के भाई अशरफ समेत सात आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। गौर हो कि उमेश पाल अपहरण केस में अतीक अहमद, अशरफ, दिनेश पासी और उसके वकील खान सौलत हनीफ, इसरार, आबिद प्रधान, जावेद, फरहान,मल्ली और एजाज अख्तर आरोपी थे, कोर्ट ने जिन तीन लोगों को दोषी करार दिया है उनमें अतीक अहमद, उसका वकील खाम सौलत हनीफ (Atiq Ahmed's lawyer khan Saulat Hanif) और दिनेश पासी का नाम शामिल है।

क्या था ये मामला जान लें

बता दें, 2004 में राजू पाल की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के एक मात्र गवाह उमेश पाल का 2006 में अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को आरोपी बनाया था, जिसमें माफिया अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ भी शामिल था। उमेश पाल की बीती फरवरी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी इसका आरोप भी अतीक अहमद पर है।

'अतीक अहमद जेल से कुछ भी करा सकता है'

वहीं मृतक उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने उम्मीद जताई है कि कोर्ट अतीक और अन्य अपराधियों को सख्त से सख्त सजा देगी, उमेश पाल के परिजन ने अदालत के फैसले पर संतोष जाहिर किया है। लेकिन, उन्हें डर है कि अतीक अहमद जेल से कुछ भी करा सकता है लिहाजा उमेश की हत्या के मामले में उसे फांसी की सजा दी जाए।

तीनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी

जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि प्रयागराज की सांसद-विधायक अदालत के न्यायाधीश दिनेश चंद्र शुक्ला ने वर्ष 2006 में हुए उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद, उसके वकील सौलत हनीफ और पूर्व सभासद दिनेश पासी समेत तीन आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 364-ए के तहत दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी। अदालत ने तीनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह रकम उमेश पाल के परिजन को दी जाएगी।

वकीलों ने दोषियों को फांसी देने की मांग करते हुए नारेबाजी की

अदालत ने अहमद के भाई अशरफ समेत सात आरोपियों को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। इस मामले में कुल 11 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। सुनवाई के दौरान उनमें से एक की मौत हो गयी थी।कचहरी परिसर में मौजूद वकीलों ने दोषियों को फांसी देने की मांग करते हुए नारेबाजी की।माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ को उमेश पाल के अपहरण के मामले में प्रयागराज की एमपी-एमएलए अदालत में दोपहर करीब 12 बजे पेश किया गया। अहमद को गुजरात की साबरमती जेल और अशरफ को बरेली जेल से सोमवार को प्रयागराज में नैनी केन्द्रीय कारागार लाया गया था।

रवि वैश्य
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रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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