क्राइम

गुरुग्राम की सोसाइटी में 16 साल का कातिल, 9 साल की लड़की को गला दबाकर मारा, फिर कपूर डालकर जला दी लाश

Gurugram Crime News: आरोपी ने जुर्म कबूलने के दौरान बताया कि उसने 20,000 रुपये का कर्ज चुकाने के लिए आभूषण चुराए थे। लड़की ने जब उसे ऐसा करते हुए देख लिया तो उसने दुपट्टे से लड़की का गला दबाकर उसे मार दिया और बाद में पूजा के कमरे से कपूर लाकर लाश को जला दिया।

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Gurugram Crime News

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Gurugram Crime News: हरियाणा के गुरुग्राम से ऐसा मामला सामने आया है, जिसे पढ़कर आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे। यहां एक 16 वर्षीय लड़के ने 9 साल की लड़की की कथित तौर पर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए उसकी लाश पर कपूर डालकर जला दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी लड़के से पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, लड़की ने आरोपी को उसके फ्लैट से आभूषण चुराते समय रंग हाथों पकड़ लिया था, इसलिए उसने इस कृत्य को अंजाम दिया।

अधिकारियों ने बताया कि मामला गुरुग्राम के सेक्टर 107 स्थित सिग्नेचर ग्लोबल सोलेरा का है। इस सोसाइटी में लड़की और आरोपी के परिवार अलग-अलग टॉवर में रहते थे और दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध भी थे। मृतक चौथी कक्षा की छात्र थी तो वहीं आरोपी दसवीं का छात्र है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

चोरी करते देखना पड़ा भारी

जानकारी के मुताबकि, आरोपी को फ्लैट से चोरी करते देखना 9 साल की लड़की को भारी पड़ गया। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 11 बजे कथित तौर पर आरोपी पड़ोस के टॉवर में रहने वाले एक परिवार में दाखिल हुआ। उस वक्त घर में लड़की के अलावा कोई नहीं था। आरोपी ने यहां ज्वैलरी चुराई, लेकिन ऐसा करते हुए उसे लड़की ने देख लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने जुर्म कबूलने के दौरान बताया कि उसने 20,000 रुपये का कर्ज चुकाने के लिए आभूषण चुराए थे। लड़की ने जब उसे ऐसा करते हुए देख लिया तो उसने दुपट्टे से लड़की का गला दबाकर उसे मार दिया और बाद में पूजा के कमरे से कपूर लाकर लाश को जला दिया।

बार-बार बयान बदल रहा था आरोपी

पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले तो गुमराह करने की कोशिश कर रहा था। उसने पहले तो बयान बदले और दावा किया कि दो चोर घर में घुस आए थे और उन्होंने लड़की की हत्या की थी, लेकिन बाद में आरोपी ने हत्या की बात कबूल की। उसने बताया कि आरोपी ने जुर्म कबूलने के दौरान बताया कि उसने 20,000 रुपये का कर्ज चुकाने के लिए आभूषण चुराए थे। पुलिस ने बताया कि इस मामले में राजेंद्र पार्क थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी ने बताया कि हत्या करके सबूत मिटाने का तरीका उसने क्राइम पेट्रोल सिरीज से सीखा था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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