विराट कोहली के टेस्ट कप्तानी छोड़ने पर रवि शास्त्री ने क्या कहा?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 16, 2022, 05:50 AM IST

Ravi Shastri's Reaction on Virat's Resignation: विराट कोहली के टेस्ट कप्तानी से इस्तीफा देने को रवि शास्त्री ने अपने लिए व्यक्तिगत तौर पर सबसे दुखद दिन बताया है।

विराट कोहली के टेस्ट कप्तानी छोड़ने पर रवि शास्त्री ने क्या कहा?
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नई दिल्ली: साल साल भारतीय टेस्ट टीम की कमान संभालने के बाद विराट कोहली ने शनिवार शाम कप्तानी से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। चार महीने पहले विराट कोहली भारत की तीनों फॉर्मेट की टीम के कप्तान थे लेकिन टी20 वर्ल्ड कप के बाद टी20 टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला उनपर भारी पड़ गया। दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले चयनकर्ताओं ने उन्हें वनडे टीम की कप्तानी से हटाने का फरमान सुना दिया।

चार महीने में बदल गई पूरी कहानी
ऐसे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 1-2 के अंतर से हार का सामना करने के ठीक एक दिन बाद टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया। साल 2014 में एमएस धोनी के अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद विराट कोहली के हाथों में टेस्ट टीम की कमान सौंप दी गई। इस तरह भारतीय टेस्ट इतिहास के विराट युग की शुरुआत हुई। जिसमें टीम इंडिया ने अपने घर पर एक भी सीरीज नहीं गंवाई साथ ही विदेशी सरजमीं पर भी सफलता का परचम लहराया।

विराट-शास्त्री की जोड़ी ने बदल दिया चेहरा
विराट कोहली की सफलता में साथ दिया टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने। रवि शास्त्री और विराट कोहली की जोड़ी ने भारतीय टीम का चाल, चरित्र और चेहरा पूरी तरह बदल दिया। फिटनेस और मैच जिताने की क्षमता चयन का आधार बनी। इसी दम पर टीम इंडिया ने विराट की कप्तानी में सफलता का वो इतिहास लिखा जो सौरव गांगुली और एमएस धोनी जैसे धुरंधर कप्तान भी नहीं लिख सके थे। 

मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर दुखद दिन
विराट के अचानक टेस्ट क्रिकेट की कप्तानी छोड़ने के बाद रवि शास्त्री ने ट्वीट कर कहा, विराट, आप अपना सिर ऊंचा रखकर जा सकते हैं। बतौर कप्तान आपने जो हासिल किया है उतना कुछ लोग ही कर पाए हैं। निश्चित रूप से आप भारत के सबसे आक्रामक और सफल कप्तान है। मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से दुखद दिन है क्योंकि ये वो टीम है जिसे हमने साथ मिलकर खड़ा किया।'

विराट का शानदार रहा टेस्ट में कप्तानी रिकॉर्ड
विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने 68 टेस्ट मैच खेले जिसमें से 40 में टीम को जीत मिली और 17 में हार का सामना करना पड़ा। इस दौरान 11 मैच बराबरी पर समाप्त हुए। विराट की कप्तानी में भारतीय टीम का जीत प्रतिशत 58.82 रहा। ऐसा कप्तानी रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के रिकी पॉन्टिंग और दक्षिण अफ्रीका के ग्रीह्म स्मिथ का रहा है। सौरव गांगुली और एमएस धोनी टेस्ट जीत के मामले में विराट से कहीं पीछे हैं। आने वाले कई सालों तक विराट भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बने रहेंगे।  

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