'जो रूट में लीडर वाली क्‍वालिटी नहीं है', इंग्लैंड के कप्‍तान को पूर्व दिग्गज क्रिकेटर ने जमकर सुनाई खरी-खरी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 13, 2021, 01:48 PM IST

Brendon McCullum on England Captain Joe Root: न्यूजीलैंड के पूर्व दिगग्ज क्रिकेटर ब्रैंडन मैकुलम ने इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान जो रूट को लेकर बेहद हैरान करने वाली बात कही है।

 'जो रूट में लीडर वाली क्‍वालिटी नहीं है', इंग्लैंड के कप्‍तान को पूर्व दिग्गज क्रिकेटर ने जमकर सुनाई खरी-खरी
Photo Credit: AP, File Image

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले एशेज टेस्ट में 9 विकेट से शिकस्त के बाद इंग्लैंड की काफी आलोचना हो रही है। कई लोग खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवाल उठा रहे हैं तो किसी ने इंग्लिश टीम के कप्तन जो रूट की रणनीतियों को गलत ठहराया है। वहीं, न्यूजीलैंड के पूर्व दिगग्ज क्रिकेटर और कप्तान ब्रैंडन मैकुलम ने रूट को लेकर बेहद हैरान करने वाली बात कही है और जमकर खरी-खरी सुनाई है। मैकुलम का कहना है कि उन्हें रूट में लीडर वाली कोई क्‍वालिटी नजर  नहीं आती। हालांकि, मैकुलम ने रूट को एक शानदार इंसान और लाजवाब क्रिकेटर को बताया। 

मैकुलम ने एसईएनजेड ब्रेक्फास्ट से बातचीत में कहा कि मेरा मानना है जो रूट एक शानदार व्यक्ति और बेहतरीन क्रिकेटर हैं। उन्हें बहुत अच्छा लीडर कहा जाता है। लेकिन मैंने उनकी यह क्वालिटी नहीं देखी है। इंग्लैंड टीम के पास पहले टेस्ट में मौके थे लेकिन वे मजबूती से उन्हें भुना नहीं सके। जब दबाव आया और ऑस्ट्रेलिया ने संभलना शुरू किया तो इंग्लैंड टीम मुकाबले में कहीं नहीं दिखी। 

पूर्व दिग्गज ने कहा कि इस कैलेंडर वर्ष में यह इंग्लैंड की सातवीं टेस्ट हार है। यह उनके सबसे खराब वर्षों में से है। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक साल में अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन बांग्लादेश (9 टेस्ट हार) ने किया है। मैकुलम को लगता है कि रूट विश्व क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में से भी एक नहीं है, क्योंकि वह मैच को अपनी पकड़ में नहीं रख पाते। पूर्व कीवी कप्तान का कहना है कि इंग्लैंड टीम पहले एशेज टेस्ट में कुछ हद तक संभल गई थी पर रूट ने ऑस्ट्रेलिया को वापसी का मौका दे दिया।

मैकुलम ने कहा, 'मेरे लिए लीडरशिप केवल एक कप्तान के रूप में सही समय पर सही फैसले लेने का नाम नहीं है। वह (रूट) मेरी नजर में दुनिया में सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में से एक नहीं है। वह कई बार गेम को हाथ से फिसलने देते हैं। जब ऑस्ट्रेलियाई टीम तीसरे दिन मुश्किल में थी तो अगले दिन वह खेल पर पकड़ मजबूत रखने में कामयाब नहीं रहे। दी थी। अगर आप ऑस्ट्रेलिया को वापसी का कोई भी मौका देते हैं तो वे जरूर ऐसा करेंगे।' 

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