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जिगरी दोस्त के भाई को गोली से उड़ाया, हत्या कर बोला-आंख का बदला आंख से...देखिए अभी आगे क्या होगा...

बिहार के वैशाली जिले में एक युवक ने अपने ही दोस्त के भाई की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने एक वीडियो जारी कर आंख के बदले आंख और अपनी मम्मी के जेल जाने का बदला लेने संबंधित कुछ बाते कहता नजर आ रहा है।

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बिहार में दोस्त का खूनी बदला

वैशाली: जिले में एक युवक ने अपने ही दोस्त के भाई की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के तीन दिन बाद आरोपी ने एक वीडियो जारी किया है। वारदात को औद्योगिक क्षेत्र के चकमकरंद में अंजाम दिया गया। यहां तीन दिन पहले एक छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक वक्त था, जब रंजीत और अंकित के परिवार के बीच काफी घनिष्ठता थी। दोनों परिवार एक दूजे के सुख-दुख के सहभागी हुआ करते थे, लेकिन समय बीतने के दोनों परिवारों के बीच रिश्तों में मतभेद होते गए। अब समय ऐसा आ गया कि दोनों एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए। तीन दिन पहले हुई हत्या के आरोपी रंजीत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया है। उक्त वीडियो में रंजीत हत्याकांड को लेकर आंख के बदले आंख और अपनी मम्मी के जेल जाने का बदला लेने संबंधित कुछ बाते कहता नजर आ रहा है।

दो परिवारों की दोस्ती दुश्मनी में बदली

वायरल वीडियो में आरोपी रंजीत कहता है कि 26 नवंबर को आर्मी की दौड़ के लिए कटिहार गया था और वहां पर आर्मी की दौड़ हुई, मेरी दौड़ निकल गई। इसकी सूचना सबसे पहले अपने जिगरी दोस्त अंकित को घर पहुंचकर बताई। आरोप है कि अंकित ने 28 नवंबर को फोन कर शाम पांच बजे दौड़ निकलने पर पार्टी के लिए बुलाया, जिसमें अंकित, अमरजीत और इंद्रजीत तीनों भाईयों ने मिलकर रंजीत के साथ मारपीट की। इतनी ही नहीं जलन में उसकी आंख पर कील घोंप दी, जिससे उसकी आंख की रोशनी चली गई। यहीं से दोनों परिवारों के मध्य दुश्मनी का दौर शुरू हो गया।

जानें पूरा माजरा

इसी बात का बदला लेने के लिए रंजीत इंतजार कर रहा था। बताया जा रहा है कि इसी बीच 26 दिसंबर को अमरजीत के दरवाजे पर फायरिंग होती और दो लोगों के पैर में गोली लगती है। दोनों घायल इलाज के बाद ठीक हो गए। गोलीबारी मामले में रंजीत समेत तीन अन्य लोगों के नाम सामने आय। इनमें रंजीत की मां, भाई दोनों जेल भेज दिए गए। हालांकि, रंजीत उस कांड में अभी तक फरार चल रहा था। पूरे कांड के ढेड़ साल बाद दोनों परिवारों के बीच समझौता हो गया, उसके बाद रंजीत को भी जेल जाना पड़ा था और भाई को अंकित के परिवार वालों ने पीटा भी।

वीडियो में आरोपी ने कही ये बात

रंजीत दावा करता है कि गोलीकांड में उसके परिवार के किसी भी सदस्य का हाथ नहीं था। यह पूरा प्रकरण अंकित के चाचा पंकज ने कराया था, लेकिन हमारे परिवार को दोस्त को बेवजह ही फंसा दिया गया। इससे उसका पूरा परिवार बर्बादी की कगार पर आ गया। लिहाजा, उसका गुस्सा सातवें आसमान पर था।

रंजीत वीडियो में कहता है कि वो अब झूठे मुकदमे में जेल नहीं जाना चाहता है। अगर, अब जाएंगे तो 302 में। हत्या मैंने की है। पुलिस हमारे परिवार को गिरफ्तार न करे। वरना इसका अंजाम और भी घातक होगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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