Yogi Government AYUSH App: योगी सरकार आयुष चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल के अनुरूप आयुष विभाग अब डिजिटल माध्यम पर भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। इसके तहत आयुष विभाग आईआईटी कानपुर की मदद से एक आधुनिक आयुष एप विकसित करेगा। इस एप के माध्यम से मरीजों को ऑनलाइन ओपीडी की सुविधा प्राप्त होगी और साथ ही आयुष विभाग से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां भी आसानी से उपलब्ध होंगी। इस पहल से न केवल आयुष चिकित्सा पद्धतियां आम जनता तक सरलता से पहुंचेंगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
एप विकसित करने के लिए IIT कानपुर से बातचीत
आयुष के प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य आयुष चिकित्सा पद्धतियों को हर व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आयुष एप विकसित करने के लिए आईआईटी कानपुर से बातचीत की जा रही है। उन्होंने बताया कि एप शुरू होने के बाद मरीजों को अस्पतालों और आयुष केंद्रों में ओपीडी के लिए लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब मरीज अपने मोबाइल के माध्यम से घर बैठे ही डॉक्टर से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और अस्पतालों में भीड़ भी कम होगी।
आयुष चिकित्सा पद्धतियों की विस्तृत जानकारी
इस नई सुविधा से विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज के क्षेत्रों के मरीजों को काफी राहत मिलेगी। एप के माध्यम से मरीज आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी विभिन्न आयुष चिकित्सा पद्धतियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही एप पर अलग-अलग बीमारियों के लिए उपलब्ध उपचार, दवाओं की जानकारी, नजदीकी आयुष अस्पताल और डिस्पेंसरी की सूची, डॉक्टरों का विवरण और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव भी उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, योगी सरकार द्वारा चलाई जा रही आयुष से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी इस एप पर आसानी से प्राप्त की जा सकेगी।
मरीजों का डेटा पूरी तरह संरक्षित
एप को इस तरह तैयार किया जाएगा कि आम लोग इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकें। इसे सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद बनाया जाएगा ताकि मरीजों का डेटा पूरी तरह संरक्षित रहे। भविष्य में इसमें और भी नई सुविधाओं को जोड़ने की योजना है। आने वाले समय में इस एप के माध्यम से टेली-कंसल्टेशन, ऑनलाइन रिपोर्ट और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे मरीज घर बैठे ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह ले सकेंगे और आयुष चिकित्सा पद्धतियों पर लोगों का भरोसा और अधिक मजबूत होगा।
