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गुरुग्राम भर में कैब ड्राइवर आज हड़ताल पर क्यों? खराब मौसम के बीच घर से संभलकर निकलें

Gurugram Cab Strike: पूरे गुरुग्राम में ऐप-आधारित कैब ड्राइवरों का एक ग्रुप 23 मार्च को हड़ताल पर है। ड्राइवर, ड्राइवरों पर होने वाले हमलों की घटनाओं को कम करने के लिए ग्राहकों के लिए KYC लागू करने की मांग कर रहे हैं।

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गुरुग्राम भर में कैब ड्राइवर आज हड़ताल पर क्यों?

Gurugram Cab News: गुरुग्राम भर में ऐप-आधारित कैब ड्राइवरों का एक ग्रुप 23 मार्च को हड़ताल पर है। हड़ताल के पीछे मांग ग्राहकों के लिए अनिवार्य KYC वेरिफिकेशन की मांग है। बीते दिन शनिवार को ड्राइवर सेक्टर 46 के बाहर जमा हुए और उन हमलों और धमकियों की घटनाओं को उजागर किया, जिन्होंने उन्हें बेबस कर रखा है।

ड्राइवरों ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन का मकसद उन नकली या बिना वेरिफिकेशन वाले यात्रियों से होने वाले सुरक्षा खतरों से निपटना है, जो यात्रा के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार या मारपीट करते हैं।

अनिवार्य KYC की मांग

ड्राइवर, ड्राइवरों पर होने वाले हमलों की घटनाओं को कम करने के लिए ग्राहकों के लिए KYC लागू करने की मांग कर रहे हैं। HT की रिपोर्ट के मुताबिक, एक कैब ड्राइवर, प्रीत कुमार ने कहा कि एग्रीगेटर्स को KYC लागू करना ही चाहिए। उन्होंने बताया कि जहां ड्राइवरों को सख्त KYC प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, वहीं ग्राहकों के लिए ऐसा करना अनिवार्य नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमारी सुरक्षा का क्या? हमें भी नकली यात्रियों से सुरक्षा चाहिए।'

शिकायत निवारण प्रणाली का अभाव

कैब ड्राइवरों ने शिकायत निवारण प्रणाली की कमी को भी उजागर किया और कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां ग्राहकों ने दुर्व्यवहार किया, लेकिन उससे निपटने के लिए कोई उचित प्रणाली मौजूद नहीं थी। एक ड्राइवर ने सवाल किया, 'हम ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट कहां करें?'

सुरक्षा सुविधाओं पर अभी भी सवालिया निशान

हालांकि हर कैब में सुरक्षा सुविधाएं मौजूद हैं, जिनमें ड्राइवर और यात्री, दोनों के लिए SOS बटन शामिल हैं लेकिन ड्राइवरों ने इनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ऐसे कई उदाहरणों का जिक्र किया, जहां सुरक्षा सुविधाएं समय पर मदद पहुंचाने में नाकाम रहीं, जिससे वे असुरक्षित स्थिति में फंस गए।

ड्राइवरों ने 25 साल के सूरज सिंह के साथ हुई हाल की एक घटना का भी जिक्र किया, जिसकी उसके वाहन के अंदर ही गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना इसी साल जनवरी में हुई थी। सूरज का गला उन यात्रियों ने घोंटा था, जिन्होंने सेक्टर 37 से राइड बुक की थी।

इस बीच, शनिवार को भी जारी रही इस हड़ताल की वजह से गुरुग्राम के कई हिस्सों में काफी दिक्कतें हुईं। सेक्टर 38 की रहने वाली ऋषिका तिवारी ने बताया कि, 'आमतौर पर नजदीकी मेट्रो स्टेशन के लिए कैब बुक करने में करीब एक मिनट लगता है, लेकिन हड़ताल की वजह से उन्हें 10 से 15 मिनट तक इंतजार करना पड़ा।'

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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