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वडोदरा पुल हादसा: रख रखाव-मरम्मत को लेकर उठ रहे सवाल, क्या रही पुल अचानक टूटने की वजह

गुजरात के वडोदरा में गंभीरा पुल हादसे में अबतक 16 लोगों की मौत हो गई है। इस पुल के रख-रखाव, मरम्मत के अलावा यह भी कहा जा रहा है कि इस पुल जर्जर पुल को मरम्मत करने की पहले भी मांग की गई थी जिसपर ध्यान नहीं दिया । यह आरोप स्थानीय और विपक्षी नेताओं ने लगाया है।

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वडोदरा के गंभीरा पुल हादसे में 16 लोगों की मौत (फोटो - टाइम्स नाउ नवभारत)

Vadodara bridge collapse: गुजरात के वडोदरा में गंभीरा पुल हादसे में अबतक 16 लोगों की मौत हो गई है। इस पुल के रख-रखाव, मरम्मत के अलावा यह भी कहा जा रहा है कि इस पुल जर्जर पुल को मरम्मत करने की पहले भी मांग की गई थी जिसपर ध्यान नहीं दिया । यह आरोप स्थानीय और विपक्षी नेताओं ने लगाया है।

गौर हो कि इस गुजरात सरकार के R&B (Road and Building Department) विभाग के पास ब्रिज की रखवाली थी। यह पुल लगभग 45 साल पुराना था और काफी समय से जर्जर हालत में था। स्थानीय लोगों और विपक्षी नेताओं का आरोप है कि पुल की मरम्मत की मांग लंबे समय से की जा रही थी, लेकिन समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए। सवाल यह भी उठता है कि जब पुल जर्जर था और उसकी मरम्मत करने की जरुरत थी तो वाहन आखिर क्यों गुजर रहे थे?

कितनी थी पुल की लागत?

इस पुल को 1985 में बनाया गया था । लेकिन उपलब्ध रिपोर्ट्स में पुल के निर्माण खर्च का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। हाल ही में एक नए पुल के लिए 212 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी, लेकिन पुराने पुल की लागत की जानकारी सार्वजनिक नहीं है।

इसकी रिपेयरिंग कब-कब की गई थी

पिल की रिपेयरिंग कब कब हुई इसके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, पुल की समय-समय पर मरम्मत और रखरखाव किया जाता रहा है। हालांकि, विस्तृत रिपेयरिंग की तिथियां सार्वजनिक नहीं की गई हैं। रिपोर्ट्स में यह स्पष्ट नहीं है कि आखिरी बार पुल की मरम्मत कब की गई थी। केवल इतना उल्लेख है कि "समय-समय पर मरम्मत होती रही"।

शिकायत कब से हो रही थी?

स्थानीय लोगों और विपक्षी नेताओं के अनुसार, पुल की जर्जर हालत की लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं। मानसून से पहले भी सतर्कता की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

पुल की लंबाई?

गंभीरा पुल की कुल लंबाई 900 मीटर बताई गई है। पुल के एक स्लैब (स्पैन) के गिरने की पुष्टि हुई है, लेकिन उस हिस्से की सटीक लंबाई रिपोर्ट्स में नहीं बताई गई है। आमतौर पर ऐसे स्पैन की लंबाई 30-40 मीटर के आसपास होती है, परंतु घटना में कितने मीटर गिरा, यह प्रशासन द्वारा स्पष्ट नहीं किया गया।

नेशनल हाईवे स्थित यह सभी ब्रिज जर्जरित स्थिति में है। इन 18 में से 13 ब्रिज नदी पर बने है।

  • रुद्रमाता ब्रिज, भुज NH 341
  • नाकती क्रिक ब्रिज, कच्छ, NH 141
  • वांगड़ी ब्रिज, कच्छ, NH 41
  • फ़ेरकुवा ब्रिज, छोटा उदेपुर, NH 56
  • आनी ब्रिज, नर्मदा, NH 56
  • थेबी ब्रिज, अमरेली, NH 351
  • पानम नदी ब्रिज, दाहोद, NH 47
  • ओरसंग ब्रिज, छोटा उदेपुर, NH 56
  • भारद ब्रिज, छोटा उदेपुर, NH 56
  • जटवाड़ा ब्रिज, रापर, NH 754K
  • आलव ब्रिज, द्वारका, NH 51
  • शास्त्री ब्रिज, अहमदाबाद , NH 47
  • झारवा ब्रिज, नर्मदा भरूच, NH 56
  • मालेश्री ब्रिज, भावनगर, NH 51
  • काड़किया ब्रिज, अंकलेश्वर, NH 64
  • धानीखुट ब्रिज, नेत्रंग, NH 753 B
  • उच्छ ब्रिज, छोटा उदेपुर, NH 56
  • पूर्णा ब्रिज, नवसारी, NH 64

कांग्रेस ने की SIT जांच की मांग

कांग्रेस ने गुजरात के वडोदरा में एक पुल ढहने की घटना को लेकर बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा और कहा कि ऐसी 16 घटनाओं की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन होना चाहिए। पार्टी नेता जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि अगर एसआईटी का गठन नहीं होता है तो कांग्रेस सड़क पर उतरेगी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का इस्तीफा मांगेगी। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि गुजरात में जिन कंपनियों को पहले काली सूची में डाला गया था, उन्हें भाजपा को चंदा देने पर दोबारा ठेका मिल जाता है।

Hiten Vithalani
हितेन विठलानीauthor

2011 में ANI मुंबई ब्यूरो में इंटर्न से शुरू हुआ सफर, 2012 में समय मुंबई में ट्रेनी प्रोड्यूसर तक पहुंचा लेकिन मंत्रालय में लगी आग के बाद से रिपोर्टर के तौर पर सफर की शुरुआत हुई। मुंबई से गुजरात चुनाव 2012 के बाद गुजरात के ही संस्था में अहमदाबाद में काम किया। ETV news Gujarati में जहां से 2015 में फिर एक बार मुंबई ब्यूरो गुजराती चैनल के लिए संभालने का मौका मिला । उसके बाद 2016 में गुजराती चैनल के लिए दिल्ली ब्यूरो संभालने का मौका मिला। 1 मई 2017 के दिन Zee media के साथ दिल्ली ब्यूरो में जुड़ा और Zee का गुजराती चैनल जो लॉन्च होना था Zee 24 Kalak जिसके लिए दिल्ली नेशनल ब्यूरो हेड करने का मौका मिला। लॉकडाउन के वक्त दिल्ली में ही रीजनल ब्यूरो से नेशनल ब्यूरो में काम करने का मौका मिला, Zee Hindustan ने काम को देखते हुए अपने साथ जोड़ लिया जिसमे किसान आंदोलन, सिद्धू मूसेवाला मर्डर, पंजाब चुनाव, यूपी चुनाव, बंगाल चुनाव से लेकर गुजरात चुनाव तक कवर किया। उसके बाद गुजरात में जी के साथ अहमदाबाद में बीजेपी और गुजरात सरकार बीट में काम काफी सालों बाद शुरू किया और अब 15 अप्रैल 2024 से Times Now Navbharat गुजरात ब्यूरो में अहमदाबाद में प्रिंसिपल correspondent के तौर पर काम कर रहा हूं।

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