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कालीकाता से कलकत्ता और अब कोलकाता, जानें कैसे पड़ा भारत के इस दिलचस्प शहर का नाम?

कोलकाता, जिसे “सिटी ऑफ जॉय” के नाम से भी जाना जाता है, अपनी समृद्ध संस्कृति, इतिहास और जीवंत परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। आइए, अब इस ऐतिहासिक शहर के नाम के दिलचस्प सफर के बारे में जानते हैं।

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कोलकाता का पुराना नाम

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Kolkata Old Name: इन दिनों पश्चिम बंगाल आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में व्यस्त है। कोलकाता शहर इस राज्य की राजधानी है जिसे “सिटी ऑफ जॉय” (City of Joy) के नाम से भी जाना जाता है। इस शहर की पहचान इसकी जीवंत संस्कृति, साहित्य, कला, संगीत और पारंपरिक विरासत से होती है। कोलकाता हुगली नदी के किनारे बसा हुआ है, जो इसे प्राकृतिक सौंदर्य और व्यापारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाता है। यहां की पुरानी इमारतें और औपनिवेशिक स्थापत्य इसकी ऐतिहासिक झलक पेश करते हैं। यह शहर महान साहित्यकारों, कलाकारों और विचारकों की जन्मभूमि रहा है। साथ ही, कोलकाता अपने स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां का दुर्गा पूजा उत्सव पूरे देश में विशेष पहचान रखता है, जिसमें शहर की रौनक देखते ही बनती है। आधुनिकता और परंपरा का अनोखा संगम कोलकाता को एक विशिष्ट और आकर्षक शहर बनाता है। लेकिन आज हम आपको इस शहर के नाम के सफर से रूबरू करवाएंगे। तो आइए जानें इसके बारे में....

क्या था कोलकाता का पुराना नाम?

कोलकाता का पुराना नाम “कलकत्ता” था, जो अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान प्रचलन में आया। वर्ष 1772 से 1911 तक यह शहर ब्रिटिश भारत की राजधानी के रूप में कार्य करता रहा, जिसके कारण इसे प्रशासन, व्यापार और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बनाया गया। माना जाता है कि “Calcutta” नाम की उत्पत्ति “कालीकाता” शब्द से हुई थी। कालीकाता उन तीन मूल गांवों में शामिल था, जिनके एकत्रीकरण से इस महानगर का विकास हुआ।

कैसे पड़ा कलकत्ता का नाम?

ऐसा माना जाता है कि “कलकत्ता” नाम की जड़ें “कालीकाता” से जुड़ी हैं, जो सुतानुटी, गोविंदपुर और कालीकाता नामक तीन प्राचीन गांवों में से एक था। वर्ष 1690 में British East India Company ने इन तीनों गांवों को मिलाकर एक नगर के रूप में विकसित किया। मान्यता है कि “कालीकाता” नाम देवी काली से प्रेरित है, जिनकी बंगाल क्षेत्र में गहरी आस्था के साथ पूजा की जाती है। बाद में अंग्रेजों ने इस नाम को परिवर्तित कर “कलकत्ता” कर दिया, जो तीन सौ सालों से अधिक समय तक आधिकारिक रूप से प्रचलित रहा।

कब पड़ा कोलकाता नाम?

जनवरी 2001 में भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से “Calcutta” का नाम बदलकर “Kolkata” (कोलकाता) कर दिया। इस परिवर्तन का उद्देश्य शहर के नाम को उसके मूल बंगाली उच्चारण के अनुरूप बनाना और उसकी सांस्कृतिक पहचान को पुनः स्थापित करना था। यह बदलाव देशभर में चल रही उस व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसके अंतर्गत औपनिवेशिक दौर के नामों को हटाकर स्थानीय भाषाओं और परंपराओं से जुड़े नाम अपनाए जा रहे थे।

महान हस्तियों की जन्मभूमि

Kolkata, जिसे पहले “Calcutta” कहा जाता था, लंबे समय से शिक्षा, राजनीति, साहित्य और कला का एक प्रमुख केंद्र रहा है। यह शहर इंडियन म्यूजियम जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का निवास स्थान है। साथ ही, यहां रबींद्रनाथ टैगोर, सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद जैसी महान हस्तियों ने जन्म लिया और देश के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान भी दिया। वर्तमान में “Kolkata” ही इस शहर का आधिकारिक नाम है, लेकिन “Calcutta” नाम आज भी इसकी सांस्कृतिक विरासत में जीवित है। कई संस्थानों, साहित्यिक कृतियों और कलात्मक संदर्भों में आज भी इस पुराने नाम का उपयोग देखने को मिलता है।

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Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदी author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

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