उत्तराखंड में मौसम विभाग ने कई जिलों में 24 से 30 जून तक जमकर वर्षा होने का पूर्वानुमान लगाया है और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, प्रदेश में 25 जून तक मानसून पहुंच सकता है। इस बीच पहाड़ी क्षेत्रों में दुर्घटनाओं व मानसूनी बारिश को ध्यान में रखते हुए कुछ रास्तों पर वाहनों के संचालन को प्रतिबंधित किया गया है। ये प्रतिबंध पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात 10 से सुबह 5 बजे के लिए लगाया गया है। इतना ही नहीं लागू इस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जगह-जगह पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है और वाहनों की चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। ये फैसला 15 जून को हुए हादसे को ध्यान में रखते हुए भी लिया गया है।
बदरीनाथ-केदारनाथ हाईवे पर 7 घंटे नहीं होगा वाहनों का संचालन
मिली जानकारी के अनुसार, ऋषिकेश-बदरीनाथ, रुद्रप्रयाग-केदारनाथ और कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर हाईवे पर रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक वाहनों के संचालन पर रोक है। दुर्घटना और मानसून सीजन को देखते हुए लोगों की सुरक्षा के लिए ये फैसला लिया गया है। भारी संख्या में चारधाम यात्रा के लिए लोग इन रास्तों का प्रयोग कर रहे हैं। व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए एसपी विशाखा भदाणे ने बताया कि जनपद के सभी बैरियर पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इस दौरान किसी भी प्रकार के यात्री व पर्यटक वाहनों पर रोक लगाई गई है। दुर्घटना के मामले और रात्रि में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए वाहनों के संचालन को रोका गया है।
बदरीनाथ हाईवे पर हादसा
शनिवार, 15 जून को बदरीनाथ हाईवे पर जिला मुख्यालय से करीब 5 किमी की दूरी पर रैंतोली में टेंपो-ट्रैवलर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में वाहन चालक सहित 15 लोगों की मौत की खबर सामने आई थी। वहीं करीब 11 लोग घायल हुए थे। इस हादसे के बाद ही रात्रि में वाहनों के संचालन पर रोक लगाई गई है। इसके साथ मानसून सीजन के मद्देनजर भी ये फैसला लिया गया है। मानसून सीजन में पहाड़ी क्षेत्रों में दुर्घटना की संभावना और बढ़ जाती है।
