Varanasi News: जिले के 225 सब सेंटरों (उपकेंद्रों) को अपग्रेड किया जाएगा। इनमें से 160 उपकेंद्र अपग्रेड किए गए है। स्वास्थ्य विभाग अब सभी सब सेंटरों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का दर्ज देने वाला है। उपकेंद्र के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनने से स्वास्थ्य सेवाओं में काफी इजाफा हो जाएगा, जिससे मरीजों को उचित परामर्श के साथ-साथ जांच की भी सुविधा मिलेगी।
फिलहाल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) समेत उपकेंद्र हैं। अभी यहां आने वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के साथ मामूली जांच की सुविधा मिल पाती थी। अब इसे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में अपग्रेड किया जाएगा, जिससे मरीजों को बड़ा फायदा होगा।
परेशान नहीं होंगे मरीज
ग्रामीणों एवं शहरवासियों को उनके घर के आसपास ही समुचित इलाज मिल सकेगा। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनने के बाद इस जगह आने वाले मरीजों को टेलीमेडिसिन समेत कई सुविधाएं मिल पाएंगी। इस केंद्र पर नियमित टीकाकरण, वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल, परिवार नियोजन की समस्त सेवाएं, संचारी एवं गैर संचारी रोगों के बारे में जानकारी मिल पाएगी। वाह्य मरीजों की साधारण बीमारियों के उपचार, जैसे आंख, कान, नाक की समस्या से ग्रसित मरीजों को परामर्श के साथ जांच के लिए भागदौड़ नहीं करनी होगी।
वेलनेस सेंटर में इन चीजों की होगी जांच
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में हीमोग्लोबिन, यूरीज-प्रेग्नेंसी, रेपिड टेस्ट, मधुमेह, मलेरिया, एचआईवी, आयोडीन, फइलेरिया, टीबी, एसीटिक एसिड टेस्ट की जांच होगी। इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि, स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लोगों को घर के नजदीक दिलाने की दिशा में यह प्रयास है। इसके तहत सभी उपकेंद्रों को विकसित किया जा रहा है। इससे संबंधित औपचारिकताएं पूरी कराई जा रहीं हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की तर्ज पर जांच की सुविधा मरीजों को मिल सकेगी।
सेंटर पर सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 तक रहेंगे डॉक्टर
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर डॉक्टरों को सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे ड्यूटी करने का आदेश है। अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम (एएमएस) से उनकी उपस्थिति दर्ज की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि, सभी डॉक्टरों एवं कर्मचारियों को नियमों का पालन करना अनिवार्य है। जो नियमों का उल्लंघन करेंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी
