वाराणसी

Varanasi News: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत 60 पर FIR, पार्टी ने दी आंदोलन की चेतावनी

वाराणसी में बिना अनुमति के पदयात्रा आयोजित करने के मामले में यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय समेत 10 नामजद और 50 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस घटना के बाद, अजय राय ने पोल खोल आंदोलन की चेतावनी दी है।

Image

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय (तस्वीर साभार-UP Congress ट्विटर)

वाराणसी : उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय और उनके समर्थकों पर गुरुवार शाम को मुख्य सड़क जाम करने और यातायात बाधित करने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने अजय राय सहित 10 नामजद और 50 अज्ञात कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। यह घटना इंग्लिशिया लाइन पर आयोजित एक पदयात्रा के दौरान हुई, जिसके लिए कोई प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी।

न्यूज 18 के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क किनारे गड्ढों की स्थिति को उजागर करने के लिए प्रदर्शन किया, जिससे मुख्य सड़क पर यातायात बाधित हुआ और आम लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। पुलिस ने कहा कि इस अव्यवस्था ने सार्वजनिक व्यवस्था को भी प्रभावित किया। FIR में कहा गया है कि यह पदयात्रा बिना अनुमति के आयोजित की गई थी, जिससे यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

एफआईआर राजनीतिक साजिश-अजय राय

अजय राय ने इस मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि सरकार नहीं चाहती कि बनारस की सड़कों की बदहाली सामने आए। उन्होंने यह भी कहा कि वे राज्यपाल को ज्ञापन देंगे और पोल खोल अभियान चलाएंगे। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने इस कार्रवाई को भाजपा सरकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताया और कहा कि अजय राय जनता के मुद्दों को उठा रहे हैं, जिसके कारण उनके खिलाफ यह मुकदमा दर्ज किया गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article