वाराणसी

Swarved Mahamandir: स्‍वर्वेद महामंदिर की भव्‍यता के पीछे है 19 साल की मेहनत, दीवारों से फर्श तक सब शानदार

Swarved Mahamandir Varanasi: वाराणसी के इस मंदिर को बनाने में 600 कारीगर, 200 मजदूर और 15 इंजीनियरों को 19 साल का समय लगा। मंदिर के पहले तल का निर्माण होने के बाद आम लोगों के लिए इसे खोल दिया गया है।

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वाराणसी के स्‍वर्वेद महामंदिर की विशेषताएं।

Swarved Mahamandir Varanasi: वाराणसी के बना स्वर्वेद महामंदिर दुनिया का सबसे अनोखा आध्यात्मिक केंद्र है। इस महामंदिर की ऊंचाई तकरीबन 182 फीट है और यह‍ 80 हजार वर्गफीट क्षेत्र में फैला हुआ है। महामंदिर की सबसे खास बात ये है कि, यहां की दीवारें मकराना संगमरमर की हैं और इन दीवारों पर स्वर्वेद के चार हजार दोहे, वेदों के मंत्र और संतों की वाणियों को उकेरा गया है। इस महामंदिर के कुल सात तल हैं जिनमें सद्गुरुदेव की मूर्तियां बनी हुई हैं। महामंदिर का ढाई लाख वर्गफीट में फैला हुआ फर्श श्वेत संगमरमर का है। वाराणसी में बना ये मंदिर देखने में अयोध्‍या के निर्माणाधीन राम मंदिर की तरह ही भव्‍य है। यहां पर भारतीय संस्‍कृति को काफी शानदार ढंग से प्रस्‍तुत कियस गया है। वहीं, दर्शन करने के लिए आने वाले लोगों की सुविधा के लिए दो कैप्सूल लिफ्ट सहित चार लिफ्ट भी लगाई गई हैं।

19 साल का समय, 600 कारीगर

वाराणसी के इस मंदिर को बनाने में 600 कारीगर, 200 मजदूर और 15 इंजीनियरों को 19 साल का समय लगा। मंदिर के पहले तल का निर्माण होने के बाद आम लोगों के लिए इसे खोल दिया गया है, लेकिन कुछ काम बाकी अगले दो साल तक पूरा होने की उम्‍मीद है। दुनिया के इस अनोखे मंदिर में देवी और देवता की प्रतिमा नहीं है। इस जगह को ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति के लिए योग साधना करने के उद्देश्‍य से बनाया गया है। 100 करोड़ की लागत से तैयार इस मंदिर का काम दिसंबर 2004 में शुरू हुआ था। यहां पर मई 2017 में 21 हजार कुंडीय स्वर्वेद उत्तरार्द्ध ज्ञान महायज्ञ हुआ था। तत्‍कालीन समय में हुए इस यज्ञ को इतिहास के सबसे विशालतम यज्ञ के तौर पर भी पहचान मिली थी।

दीवारों की नक्‍काशी देख गदगद हो जाएंगे

स्‍वर्वेद महामंदिर गुरु परंपरा को समर्पित है और इसे योग साधकों की साधना के लिए बनाया गया है। मंदिर के पहले फ्लोर पर स्वर्वेद प्रथम मंडल के दोहे उकेरे गए हैं। बाह्य दीवारें वेद, उपनिषद, गीता, महाभारत, रामायण पर आधारित 28 प्रसंगों से सुसज्जित हैं। पहले से लेकर पांचवें तल तक आपको दीवारों पर वेदों और धर्मग्रंथों के दोहों की शानदार कलाकृतियां देखने को मिलेंगी। इसके बाद सातवें तल पर दो अत्याधुनिक प्रेक्षागृह बनाए गए हैं। जिनमें विहंगम योग के सैद्धांतिक व क्रियात्मक बोध का ज्ञान साधकों को प्राप्‍त हो सकेगा। यहां की एक खास बात ये भी है कि, मंदिर के चारों तरफ परिक्रमा परिपथ और फव्‍वारे लगे हैं। जिनके बाहर गुलाबी सैंड स्टोन से हाथी, हिरन की सुंदर प्रतिकृतियां बनाई गई हैं।

महामंदिर का शिखर भी है खास

स्वर्वेद महामंदिर के नौ शिखर भी बेहद खास हैं, जो कि गुजरात में जीआरसी तकनीक से बनाए गए हैं। हालांकि मुख्‍य शिखर 125 पंखुड़ियों के विशालकाय कमल पुष्प की आकृति के ही हैं। इस मंदिर के तीन लाख घनफीट सुंदर गुलाबी सैंडस्टोन पर नक्काशीदार कलाकृतियां भी बनी हैं, जिनके माध्‍यम से दर्शनार्थियों को आध्‍यात्मिक संदेश दिए गए हैं। इन गुलाबी सैंडस्टोन को राजस्‍थान के बंसीपहाड़पुर से मंगाया गया है। मंदिर के बाहरी भाग में 132 ऋषियों-ऋषिकाओं की मूर्तियां बनी हैं जो कि इसे और खूबसूरत बनाती हैं। गौरतलब है कि, महामंदिर के प्रांगण में एक उद्यान बना हुआ है जिसके निर्माण में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और ड्रिप इरिगेशन जैसी कई अत्‍याधुनिक तकनीकों का इस्‍तेमाल हुआ है।

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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