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Varanasi Cruise: काशी से डिब्रूगढ़ तक 3200 किलोमीटर का सफर तय करेगा रिवर क्रूज, PM मोदी करेंगे लॉन्च

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 1, 2023, 09:43 PM IST

Varanasi Cruise: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बांग्लादेश के जरिये असम के डिब्रूगढ़ तक 13 जनवरी को एक क्रूज जहाज चलेगा। कुल 3,200 किमी लंबी यह यात्रा दुनिया में अपनी तरह का पहला सफर होगा। पीएम मोदी ने कहा कि, भारत में 100 से ज्यादा जलमार्गों का निर्माण हो रहा है। हमारा उद्देश्य आधुनिक क्रूज जहाजों को भारतीय नदियों में चलाना है।

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काशी से डिब्रूगढ़ तक 3200 किलोमीटर का सफर तय करेगा रिवर क्रूज

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KEY HIGHLIGHTS
  • वाराणसी से बांग्लादेश के जरिए असम में डिब्रूगढ़ तक 13 जनवरी को चलेगा क्रूज
  • 3,200 किमी लंबी यह यात्रा दुनिया में अपनी तरह का होगा पहला सफर
  • भारत में 100 से ज्यादा जलमार्गों का निर्माण

Varanasi Cruise: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए साल पर देशवासियों को बड़ी सौगात देंगे। संसदीय क्षेत्र और यूपी के वाराणसी से बांग्लादेश के रास्ते असम के डिब्रूगढ़ तक नदी में सबसे लंबी यात्रा करने वाले क्रूज जहाज को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जनवरी को हरी झंडी दिखाएंगे। विदेशी पर्यटकों के साथ लग्जरी क्रूज 27 नदी प्रणालियों की करीब 3,200 किमी यात्रा करेगा। इसे पूरा करने में 50 दिन का समय लगेगा। इस दौरान यह भारत में गंगा-भागीरथी-हुगली, ब्रह्मपुत्र और पश्चिमी तट नहर समेत 27 नदियों का करीब 3,200 किलोमीटर का क्षेत्र कवर करेगा।

दुनिया में यह एक अनूठा क्रूज होगा। भारत में बढ़ते क्रूज पर्यटन का यह प्रतिबिंब होगा। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि, मैं पश्चिम बंगाल के लोगों से इसका फायदा उठाने का अनुरोध करता हूं।

बांग्लादेश में करीब 1100 किलोमीटर की यात्रा तय करेगा क्रूज

उन्होंने यह भी एलान किया कि क्रूज 13 जनवरी को अपनी पहली यात्रा शुरू कर देगा। यह क्रूज 50 प्रमुख पर्यटक स्थलों को कवर करेगा। कुछ विरासत स्थल, वाराणसी में प्रसिद्ध गंगा आरती और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और सुंदरबन डेल्टा जैसे अभयारण्य इसमें शामिल हैं। क्रूज बांग्लादेश में करीब 1100 किलोमीटर की यात्रा तय करेगा। राष्ट्रीय जलमार्ग का प्रबंधन देखने वाले भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि, इस क्रूज का प्रबंधन एक निजी कंपनी करेगी और अंतर्देशीय जलमार्ग के विकास और प्रबंधन पर सरकार के बढ़ते फोकस के कारण यह आगे भी जारी रहेगा।

हमारी संस्कृति और विरासत को भी समझेंगे पर्यटक

अधिकारियों ने कहा कि क्रूज सेवा की योजना बनाने में भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग के विकास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आईडब्ल्यूएआई के एक अधिकारी के अनुसार, हमारी सभ्यता नदियों के किनारे विकसित हुई है। इसलिए रिवर क्रूज का इस्तेमाल करने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा। साथ ही वो हमारी संस्कृति और विरासत को भी समझेंगे। हाल ही में शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा था कि, क्रूज सेवाओं समेत तटीय और नदी शिपिंग का विकास सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है।
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