वाराणसी

Kashi Vishwanath: नए साल पर पर जा रहे हैं काशी विश्वनाथ तो जरूर जान लें ये बात, नहीं कर पाएंगे बाबा के 'स्पर्श-दर्शन'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 30, 2022, 02:33 PM IST

Kashi Vishwanath Sparsh Darshan: नए साल पर यदि आप काशी विश्वनाथ धाम जाने का प्लान बना रहे हैं तो कुछ जरूरी बातें आपको जरूर जान लेनी चाहिए। मंदिर परिसर में उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने गर्भगृह में शिवलिंग के 'स्पर्श दर्शन' पर रोक लगा दी है।

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काशी विश्वनाथ धाम

Photo : BCCL

Varanasi News: नए साल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की उम्मीद के साथ जिला प्रशासन ने काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath) के प्रबंधन के साथ 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक 'स्पर्श दर्शन' (Sparsh Darshan) (जब भक्तों को शिवलिंग को छूने की अनुमति दी जाती है) को प्रतिबंधित कर दिया है। यह जानकारी मंदिर के अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने कहा कि भक्तों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

12लाख का आंकड़ा होगा पार

वाराणसी के संभागीय आयुक्त कौशल राज शर्मा ने कहा, 'स्पर्श दर्शन' को 31 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच प्रतिबंधित कर दिया गया है। हम 30 दिसंबर को इसके लिए पूर्वाभ्यास करेंगे।' मंदिर प्रबंधन के रिकॉर्ड के अनुसार लगभग सात लाख भक्तों ने 1 जनवरी, 2022 को मंदिर में दर्शन किए थे। हालांकि इस साल नए साल पर आगंतुकों की संख्या 12 लाख के आंकड़े को पार करने की उम्मीद है।

होते हैं ये दर्शन

अधिकारियों ने 'स्पर्श दर्शन' और नियमित दर्शन (स्थानीय भाषा में 'झांकी दर्शन' कहा जाता है) के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि पहले थोड़ा समय लगता है क्योंकि भक्तों को 'गर्भगृह' में प्रवेश करने की अनुमति दी जाती है। मंदिर में धार्मिक प्रसाद चढ़ाने के लिए, जबकि बाद में भक्तों को 'गर्भ गृह' के बाहर से पुजारी को प्रसाद देने की अनुमति होती है। 'झांकी दर्शन' में पुजारी शिवलिंग पर प्रसाद चढ़ाते हैं और भक्त को 'प्रसाद' लौटाते हैं। अधिकारियों ने कहा, नियमित दर्शन में बहुत कम समय लगता है और इसलिए मंदिर प्रबंधन के लिए भीड़ को प्रबंधित करना और नए साल पर सुरक्षा सुनिश्चित करना आसान हो जाएगा।
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