वाराणसी

भारतीय रेलवे का डिजिटल युग; 114 स्टेशनों पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम, समय पर पहुंचेगी ट्रेनें

भारतीय रेलवे ने ट्रेनों की सुरक्षा और रफ्तार बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर डिजिटल तकनीक अपनाई है। पूर्वोत्तर रेलवे ने 114 स्टेशनों पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम स्थापित किया है, जिससे संचालन अधिक सुरक्षित और तेज होगा। यह कदम यात्रियों को समय पर यात्रा का लाभ देने के साथ-साथ हादसों की संभावना भी कम करेगा।

Image

रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम (सांकेतिक फोटो: Canva)

Railway Digitalization: भारतीय रेलवे ने ट्रेनों की सुरक्षा और रफ्तार बढ़ाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से शुरू कर दिया है। हाल ही में पूर्वोत्तर रेलवे ने 114 रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक (डिजिटल) इंटरलॉकिंग सिस्टम स्थापित किया है। इस कदम से न केवल यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा होगी, बल्कि ट्रेनों के संचालन की दक्षता और सुरक्षा में भी बड़ा सुधार आएगा।

गोरखपुर सहित इन स्टेशनों पर लागू यह डिजिटलाइजेशन मानवीय भूल की संभावना को कम करेगा, तेज संचालन सुनिश्चित करेगा और कम रखरखाव की आवश्यकता के कारण लागत भी घटाएगा। साथ ही, भविष्य की जरूरतों के अनुसार इस सिस्टम को आसानी से अपडेट किया जा सकता है और इसे कम जगह में स्थापित किया जा सकता है।

रेल मंत्रालय के कार्यकारी निदेशक (सूचना एवं प्रचार) दिलीप कुमार के अनुसार, यह प्रणाली सभी रेलवे जोनों में लागू की जा रही है, जिससे हादसों की संभावना घटेगी और संचालन और अधिक सुचारू होगा। वर्तमान में, लखनऊ मंडल के 44, वाराणसी मंडल के 56 और इज्जतनगर मंडल के 14 स्टेशनों पर यह सिस्टम पहले से ही चालू है, जबकि शेष स्टेशनों पर इसे जल्द लागू किया जाएगा।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें