वाराणसी

Gyanvapi Case: मुस्लिम पक्षकारों की मांग पर कोर्ट ने टाली सुनवाई, अब इस तारीख को होगी बहस

वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में 4 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई को मुस्लिम पक्ष ने 30 अक्टूबर को करने की मांग की। जिस पर अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर नियत की है।

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ज्ञानवापी मामले में अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी

वाराणसी: ज्ञानवापी मस्जिद मामले में नया अपडेट आया है। परिसर से जुड़ी पांच याचिकाओं पर बुधवार को होने वाली सुनवाई टल गई। सुनवाई में मुस्लिम पक्षकारों की मांग पर 30 अक्टूबर तक टाल दी गई है। सभी याचिकाओं में 3 याचिकाएं साल 1991 से वाराणसी की अदालत में लंबित हैं। सिविल वाद की पोषणीयता और दो याचिकाएं निचली अदालत की वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अनुमति देने वाले आदेश को चुनौती देने वाली हैं।

न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर की एकल पीठ कर रही सुनवाई

इस बड़े मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर की एकल पीठ कर रही है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की अदालत में पूरी होने के बाद फैसला पहले ही सुरक्षित कर लिया गया था, जिसका फैसला 28 अगस्त को सुनाया जाना था। इसी दरम्यान इस सुनवाई के खिलाफ किसी ने मुख्य न्यायाधीश के समक्ष शिकायती पत्र प्रस्तुत किया था, जिसकी जांच की गई। जांच में यह पाया गया कि अदालतों का रोस्टर बदलने के बाद भी न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की अदालत में सुनवाई लगातार चलती रही। ऐसे में क्षेत्राधिकार के बाहर पूरी हुई सुनवाई के आधार पर मुख्य न्यायाधीश ने मामले को अपनी अदालत में स्थानांतरित करते हुए खुद सुनवाई करने का फैसला लिया था।

दरअसल, मौके पर स्थानांतरित हुई मामले की सुनवाई पर मुस्लिम पक्षकारों के साथ अंजुमन इंतजामिया मसाजिद ने आपत्ति जताई थी। मुस्लिम पक्ष की दलील थी कि पिछले कुछ वर्षों में तकरीबन 75 तारीखों पर मामले की सुनवाई की गई है। इसमें तीन बार निर्णय सुरक्षित हो चुका है। लिहाजा, न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की अदालत द्वारा निर्णय सुनाए जाने की तिथि पर अचानक सुनवाई को अग्रिम सुनवाई के लिए मुख्य न्यायमूर्ति की अदालत में सूचीबद्ध किया जाना अवैधानिक है।

30 अक्टूबर को होगी सुनवाई

मुस्लिम पक्ष ने उस शिकायती पत्र की कॉपी की मांग भी की थी। उसी उपलब्ध कॉपी के आधार पर मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की अदालत से स्थानांतरित कर मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर खुद कर रहे हैं। हालांकि,अदालत ने मुस्लिम पक्ष की इस दलील को अदालत पहले ही खारिज कर चुका है। अब मामले में सुनवाई करने का फैसला लिया है। मामले में बुधवार को मामले की सुनवाई नियत रखी गई थी,लेकिन मुस्लिम पक्षकारों की तरफ से मामले से जुड़े कई दस्तावेजों के निरीक्षण का हवाला दिया गया और केस की सुनवाई को टालने की मांग की रखी गई। ऐसे में अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को करने का फैसला लिया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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