वाराणसी

Varanasi Murder: वाराणसी में छात्रा की हत्या, संदिग्ध हालात में मिला शव

वाराणसी में एक छात्रा की हत्या का मामला सामने आया है। यह घटना वाराणसी के मेहंदीगंज स्थित मिर्जामुराद की है जहां 22 वर्षीय छात्रा की हत्या की गई है। थाना मिर्जामुराद के रूपापुर स्थित ढाबे के पीछे एक कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में छात्रा का शव मिला है।

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वाराणसी में छात्रा की हत्या, पुलिस ने मामला दर्ज जांच शुरु की

वाराणसी: वाराणसी में एक छात्रा की हत्या का मामला सामने आया है। यह घटना वाराणसी के मेहंदीगंज स्थित मिर्जामुराद की है जहां 22 वर्षीय छात्रा की हत्या की गई है। थाना मिर्जामुराद के रूपापुर स्थित ढाबे के पीछे एक कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में छात्रा का शव मिला है।

मेहंदीगंज निवासी 22 वर्षीय अल्का बिंद M.Sc की छात्रा थी और बताया जा रहा है कि 2 जुलाई को सुबह 9:30 बजे कॉलेज के लिए छात्रा घर से निकली थी और उसके बाद घर नहीं लौटी। सूत्रों के मुताबिक प्रथम दृष्टिया प्रेम प्रसंग में हत्या करने की आशंका जताई जा रही है। छात्रा के परिजनों की तरफ से प्राप्त तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया गया है । ढाबा संचालक, ढाबा मैनेजर और एक अज्ञात सहित कुल तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

घटना के बाद इलाके में काफी आक्रोश है। हाईवे पर शव रखकर परिजनों ने जमकर किया हंगामा किया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना के बारे में अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके जांच और न्याय की मांग की है। सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार देर शाम तक इस मामले का वाराणसी पुलिस खुलासा कर सकती है ।

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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