वाराणसी

Temples to Visit In Varanasi: बनारस और उसके आसपास के प्रसिद्ध मंदिर, नये साल पर करें दर्शन पूजन

  • Authored by: आदित्य सिंह
  • Updated Dec 28, 2022, 08:24 PM IST

Famous Temple to Visit in varanasi: प्राकृतिक सुंदरता और खूबसूरती की चादर ओढ़े यह बनारस लोगों का मनमोह लेता है। यहां सूर्य की लालिमा गंगा के घाटों को गजब का सौंदर्य प्रदान करती हैं। नये साल पर यदि आप बनारस के आसपास मंदिरों में दर्शन के लिए जाना चाहते हैं, तो यहां आपको बनारस के आसपास के मंदिरों की पूरी सूची मिल जाएगी।

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वाराणसी के प्रसिद्ध मंदिर

KEY HIGHLIGHTS
  • बनारस को मंदिरों का शहर भी कहा जाता है।
  • इस शहर का इतिहास करीब हजारों वर्ष पुराना है।
  • यहां सूर्य की लालिमा गंगा के घाटों को गजब का सौंदर्य प्रदान करती हैं।

Famous Temple to Visit in varanasi: बनारस का नाम सुनते ही गंगी नदी और घाटों का प्रतिबिंब आंखों के सामने छा जाता है। बनारस Varanasi की गलियों में आप शहर की संस्कृति और परंपरा को करीब से महसूस कर सकते हैं। प्राकृतिक सुंदरता और खूबसूरती की चादर ओढ़े यह शहर लोगों का मनमोह लेता है। यहां धुंधली छवि और रहस्यमयी सी सुबह गंगा के हर तट पर एक अलग ही सुकून दे (Famous Temple Near Varanasi) जाती है। आंखों को भा जाने वाली यह सुंदर वादियां लोगों का मनमोह (Varanasi Temple Darshan) लेती हैं। सूर्य की लालिमा गंगा घाटों को गजब का सौंदर्य प्रदान करती हैं। यहां के लोगों का मानना है कि, बनारस शिव जी के त्रिशूल पर विराजमान है। कहा जाता है कि बनारस में करीब 30 करोड़ देवी देवताओं का वास है। काशी को सनातन धाम भी कहा जाता है।

इस शहर का इतिहास करीब हजारों वर्ष पुराना है। इस शहर ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं, लेकिन कभी इसने अपनी अहमियत और पवित्रता पर आंच नहीं आने दी। बनारस के आसपास करीब सैकड़ो मंदिर हैं, जो अपनी भक्ति भाव से श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित (Famous Shiva Temple In Varanasi) करते हैं। मान्यता है कि, यहां महादेव साक्षात वास करते हैं। ऐसे में यदि नये साल पर आप बनारस के आसपास मंदिरों में घूमने की योजना बना रहे हैं, तो इन मंदिरों को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। यहां बनारस के आसपास के सभी प्रसिद्ध मंदिरों की लिस्ट दी गई है।

Famous Shiva Temple In Varanasi, काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी

गंगा नदी के तट पर स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक है। काशी विश्वनाथ के मुख्य देवता भगवान शिव हैं। भोलेनाथ को विश्वनाथ और विश्वेश्वर भी कहा जाता है। बता दें मंदिर का मीनार करीब 800 किलो सोने से तैयार किया गया है। मंदिर में भोलेनाथ के दर्शन के लिए रोजाना 3 से 4 हजार भक्त आते हैं। मान्यता है कि काशी विश्वनाथ में भोलेनाथ साक्षात वास करते हैं। सावन के सोमवार को यहा भक्तों का तांता लगता है। वहीं किसी खास उत्सव पर यहां खूब भक्त आते हैं। बता दें वाराणसी शहर से काशी विश्वनाथ की दूरी करीब 6.1 किलोमीटर है, यहां आप मात्र 27 मिनट में पहुंच सकते हैं।

Famous Hanuman Temple In Varanasi, संकटमोचन मंदिर, वाराणसी

अस्सी घाट के तट पर स्थित संकटमोचन मंदिर काफी प्रसिद्ध है। इस मंदिर का इतिहास करीब सैकड़ों वर्ष पुराना है। यह प्राचीन मंदिर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और हनुमान जी को समर्पित है। मान्यता है कि यहां हनुमान जी साक्षात वास करत हैं। यदि आप काशी विश्वनाथ भोलेबाबा के दर्शन करने के लिए जाते हैं तो संकटमोचन मंदिर जरूर जाएं। वाराणसी आने वाला प्रत्येक व्यक्ति हनुमान जी के दर्शन के लिए यहां जाता है। किसी खास उत्सव पर यहां भक्तों का तांता लगता है। ऐसे में यदि आप भी नये साल के अवसर पर हनुमान जी के दर्शन करना चाहते हैं, तो संकटमोचन मंदिर जरूर जाएं।

Batuk Bhairav Mandir Varnasi, बटुक भैरव मंदिर, वाराणसी

बटुक भैरव मंदिर वाराणसी के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान शिव के सबसे विनाशकारी और आक्रामक रूप को समर्पित है। मंदिर का निर्माण 17वीं शताब्दी में किया गया था। मान्यता है कि मंदिर में बटुक भैरव के दर्शन मात्र से भक्तों की सभी समस्याओं का अंत हो जाता है। मंदिर में हमेशा अखंड दीप प्रज्वलित रहती है। मान्यता है कि, यहां आने से दीपक की तेल की भांति मनुष्यों के कष्टों का निवारण होता है। ऐसे में एक बार बटुक भैरव मंदिर का दर्शन जरूर करें। बता दें वाराणसी शहर से बटुक भैरव मंदिर की दूरी कुल 5.1 किलोमीटर है, यहां आप मात्र 15 से 20 मिनट में पहुंच सकते हैं।

Tridev Mandir Varanasi, त्रिदेव मंदिर वाराणसी

वाराणसी शहस से त्रिदेव मंदिर की दूरी करीब 8.4 किलोमीटर है, यहां आप मात्र 30 मिनट में पहुंच सकते हैं। यहां त्रिदेन ब्रह्मा, विष्णु और महेश वास करते हैं। यहां त्रिदेवों के दर्शन हेतु रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में यदि आप भी यदि नये साल पर वाराणसी जानें की योजना बना रहे हैं, तो त्रिदेवों के दर्शन जरूर करें।
आदित्य सिंह
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आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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