Varanasi Latest News: एक महिला के परिजनों ने बीएचयू अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एमसीएच विंग में भर्ती महिला के परिजनों का कहना है कि उनके बच्चे को बदल दिया गया है। मंगलवार को जब प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया था तब परिवार को सूचना दी गई की बेटा पैदा हुआ है। पेशेंट रिकॉर्ड में भी बच्चे का लिंग मेल लिखा गया था, लेकिन जब बेड पर नवजात को दिया गया तो वह बच्ची निकली। इसको लेकर परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा भी किया है।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी में कार्यरत स्त्री रोग विशेषज्ञ से भी मामले में शिकायत की गई है। पहले तो किसी ने कोई जवाब नहीं दिया, फिर रजिस्टर में जहां बच्चे का लिंग मेल लिखा था उसे काटकर फीमेल कर दिया गया। इसके बाद भी परिजन उग्र हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।
ऑपरेशन से हुआ था बच्चा
साकेत नगर के रहने वाले शमशेर का कहना है कि उनके भाई जुल्फेकार अली की पत्नी अर्शी की एमसीएच विंग में मंगलवार की रात ऑपरेशन से बेटा हुआ था। बुधवार की सुबह ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर राउंड पर आईं तो उन्होंने पूछा की बेटा कैसा है। बेड पर बेटे की जगह बेटी को देख वह दंग रह गए। उन्होंने ही कागज पर मेल लिखा होने की जानकारी दी। शमशेर का कहना है कि उन्होंने खुद रजिस्टर देखा तो वहां बच्चे की मां के नाम के आगे डिलीवरी के बाद मेल लिखा था। मतलब कि बेटा पैदा हुआ था। फिर कुछ समय बाद उसी जगह मेल को काटकर फीमेल कर दिया गया।गलती से फीमेल की जगह मेल लिख दिया गया थाइस संबंध में बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता का कहना है कि एमसीएच विंग में हंगामे की सूचना मिली थी। हंगामा होने के बाद मामले की जांच-पड़ताल कराई गई। इसमें पता चला है कि किसी ने गलती से रजिस्टर में नवजात का लिंग फीमेल की जगह मेल लिख दिया था। इसे बाद में सही भी करवाया गया है। अब परिजनों की मांग के आधार पर नवजात की डीएनए जांच भी करवाई जा रही है, जिसका एक सैंपल हैदराबाद और दूसरा स्थानीय स्तर पर ही भेजा जाना है। इसके बाद जो रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
