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Varanasi: दालमंडी में 225 करोड़ की सड़क चौड़ीकरण परियोजना का भूमि पूजन, बाबा विश्वनाथ के दरबार तक मिलेगा सुगम रास्ता

वाराणसी की दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना का भूमि पूजन संपन्न हुआ। 225 करोड़ रुपये की लागत से चौक से नई सड़क तक 650 मीटर लंबे मार्ग को 17.4 मीटर चौड़ा किया जा रहा है, जिससे बाबा विश्वनाथ के श्रद्धालुओं को सुगम रास्ता मिलेगा।

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दालमंडी में सड़क निर्माण का काम शुरू

Photo : Times Now Digital

काशी में बाबा विश्वनाथ के भक्तों की सुविधा और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। वाराणसी की बहुचर्चित दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण परियोजना का काम अब आधिकारिक रूप से धरातल पर शुरू हो गया है। सावन के पवित्र महीने में, प्रदोष काल से ठीक पहले शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने चौक प्रवेश मार्ग पर विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फावड़ा चलाकर भूमि पूजन किया। इस अवसर पर विश्वेश्वर वार्ड के पार्षद और नगर निगम सदन में प्रस्ताव रखने वाले पार्षद इन्द्रेश समेत भारी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी मौजूद रहे।

225 करोड़ की लागत से चौड़ी होगी सड़क

वाराणसी में नई सड़क से चौक के बीच स्थित दालमंडी की घनी गली अब एक भव्य और चौड़े मार्ग के रूप में नजर आएगी। कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता केके सिंह के अनुसार नवम्बर 2025 तक कार्य पूरा कर लिया जायेगा। राज्य सरकार की मंजूर की गई परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 225 करोड़ है, मार्ग की लंबाई चौक से नई सड़क तक 650 मीटर है और प्रस्तावित चौड़ाई 17.4 मीटर है। इसका मुख्य उद्देश्य बाबा विश्वनाथ मंदिर तक श्रद्धालुओं के लिए एक सुलभ वैकल्पिक मार्ग प्रदान करना और वाहनों की सीधी पहुंच सुनिश्चित करना।

181 भवन और 6 मस्जिदें टूटीं, 150 करोड़ का मुआवजा दिया गया

दालमंडी क्षेत्र अपनी घनी आबादी और संकरी गलियों के लिए जाना जाता था। इस परियोजना के दायरे में कुल 181 भवन और 6 प्रमुख मस्जिदेंआई थीं। करीब एक वर्ष के भीतर प्रभावित भवन स्वामियों और दुकानदारों को 150 करोड़ का मुआवजा दिया गया। यूपी पुलिस ने भी अपने ऐतिहासिक चौक थाने का एक हिस्सा इस परियोजना में दिया। भवनों और मस्जिदों के सुरक्षित ध्वस्तीकरण के बाद अब खाली हो चुके स्थान पर सड़क निर्माण का काम तेजी से शुरू होने जा रहा है।

ऐसी उम्मीद है कि दालमंडी के चौड़ीकरण से सावन और मुख्य त्योहारों के दौरान होने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। आपातकालीन वाहनों और एम्बुलेंस की आवाजाही आसान होगी। क्षेत्र में व्यवस्थित बाजार विकसित होगा, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन को गति मिलेगी।

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