चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बुधवार को अमेरिका पहुंचे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोटोकॉल से हटकर मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज पहुंचकर गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। ग्यारह साल में यह पहला मौका है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद एयरपोर्ट जाकर किसी विदेशी नेता की अगवानी की है। शी जिनपिंग के साथ उनकी पत्नी पेंग लियुआन भी अमेरिका आई हैं। शी जिनपिंग की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ईरान और ताइवान समेत कई मुद्दों पर बातचीत होगी।
जॉइंट बेस एंड्रयूज पर चीनी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान बेस पर सौ फीट लंबा लाल कालीन बिछाया गया, इक्कीस सैनिकों का गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। साथ ही दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए गए और दो बी-वन बॉम्बर का फ्लाईओवर भी हुआ। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने शी जिनपिंग और पेंग लियुआन के स्वागत के लिए इस भव्य आगमन समारोह में हिस्सा लिया। ट्रंप की इस मई की चीन यात्रा के दौरान मिले राजकीय सम्मान के जवाब में यह मेजबानी की जा रही है।
व्हाइट हाउस में आज होगा औपचारिक स्वागत
गुरुवार को शी जिनपिंग के दौरे का मुख्य कार्यक्रम होगा। सुबह व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में स्टेट अराइवल सेरेमनी आयोजित की जाएगी। इसके बाद सैनिकों का निरीक्षण होगा। ट्रंप और शी के बीच ओवल ऑफिस और कैबिनेट रूम में द्विपक्षीय बैठक भी होगी। शाम को व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में भव्य स्टेट डिनर का आयोजन किया गया है। इसमें टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें एलन मस्क, एनवीडिया के जेंसन हुआंग, सैम ऑल्टमैन, टिम कुक, मार्क जुकरबर्ग और सुंदर पिचाई के नाम शामिल हैं। शुक्रवार को शी जिनपिंग और पेंग लियुआन व्हाइट हाउस में ट्रंप दंपति के साथ चाय पर मुलाकात करेंगे। इसके बाद दोनों जोड़े वाशिंगटन स्थित नेशनल आर्काइव्स का दौरा करेंगे।
ट्रेड ट्रूस बढ़ाने और टैरिफ पर चर्चा
इस दौरे के दौरान आर्थिक और व्यापारिक मुद्दे भी अहम रहेंगे। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने नवंबर में खत्म होने वाले ट्रेड ट्रूस को 10 जनवरी तक बढ़ाए जाने की घोषणा की है। इसके अलावा करीब 30 अरब डॉलर के सामान पर पारस्परिक टैरिफ में कटौती पर चर्चा चल रही है, चीन से अमेरिकी सोयाबीन और कृषि उत्पादों की खरीद की उम्मीद है, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर एक नया कम्युनिकेशन चैनल बनाने की बात पर विचार हो रहा है।
ईरान और अन्य मुद्दे भी बातचीत में शामिल
ट्रंप इस दौरान चीन से ईरान के मुद्दे पर सहयोग मांग सकते हैं। इसके अलावा जॉनी लाई जैसे कैदियों की रिहाई का मुद्दा भी उठाए जाने की संभावना है। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, AI, ईरान और ताइवान को लेकर मतभेदों के बीच यह बैठक हो रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और प्रमुख सैन्य शक्तियों के बीच उच्च स्तर पर बातचीत जरूरी है। इस यात्रा से किसी बड़े समझौते की उम्मीद कम बताई जा रही है। बातचीत का प्रमुख उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों में स्थिरता बनाए रखना बताया जा रहा है।
