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Vadodara: पुल हादसे के बाद वडोदरा में दीवार पर विवाद; रेस्क्यू में फंसी गाड़ियां, प्रशासन पर उठे सवाल

गुजरात के वडोदरा में हुए दर्दनाक पुल हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। हादसे के बाद प्रशासन द्वारा बनाई गई सीमेंट की दीवार को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि इससे रेस्क्यू वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।

Vadodara Bridge Collapse: गुजरात के वडोदरा में दर्दनाक पुल हादसे के बाद एक नया मामला सामने आया है। इस हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है और उसकी तलाश में महीसागर नदी में सर्च ऑपरेशन जारी है। जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने पुल पर वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए सीमेंट की दीवार बना दी। हैरानी की बात यह रही कि दीवार बनाते समय रेस्क्यू वाहनों के आने-जाने के लिए कोई रास्ता ही नहीं छोड़ा गया।

प्रशासन का कहना है कि मुजपुर-गंभीरा पुल पर अनजान वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए एक अस्थायी सीमेंट की दीवार बनाई गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में बाहर से आने वाले वाहन अक्सर जीपीएस के भरोसे चलते हैं और स्थानीय भौगोलिक स्थिति से अनजान होते हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे ही हादसों को टालने के लिए यह दीवार बनाई गई है। प्रशासन ने यह भी कहा कि दीवार के अंदर फंसे सभी वाहन बचाव कार्य में लगे हैं और ऑपरेशन पूरा होते ही उन्हें बाहर निकाल लिया जाएगा।

पुलिस चेक पोस्ट भी मौजूद

हालांकि, प्रशासन यह स्पष्ट नहीं कर पाया कि इन वाहनों को किस तकनीक या उपाय से बाहर निकाला जाएगा। दीवार जहां बनाई गई है, उसी स्थान पर मुजपुर पुलिस चेक पोस्ट भी मौजूद है, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या दीवार की जगह उचित बैरिकेडिंग नहीं की जा सकती थी? स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय बहानेबाजी में जुटा है।

टाला जा सकता था हादसा

लोगों का यह भी मानना है कि अगर पहले ही ऐसी सतर्कता बरती जाती, तो शायद यह दुखद हादसा टाला जा सकता था। इस बीच, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए चार इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही, उन्होंने 212 करोड़ रुपये की लागत से एक समानांतर नया पुल बनाने की मंजूरी भी दे दी है, जो अगले 18 महीनों में तैयार होगा।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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