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अपनी गाड़ी लेकर उत्तराखंड जा रहे हैं तो रास्ते में टोल टैक्स के अलावा लगेगा ये टैक्स, ढीली होगी जेब

दो दिन की छुट्टी मिली नहीं कि आप और हम जैसे दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले गाड़ी उठाकर उत्तराखंड के हिल स्टेशनों की तरफ निकल पड़ते हैं। हो भी क्यों ना, थकावट मिटाने का इससे बेहतर विकल्प और क्या हो सकता है। लेकिन अब जब आप कुमाऊं बॉर्डर क्रॉस करेंगे तो आपको ग्रान सेस भी चुकाना होगा।

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उत्तराखंड के कुमाऊं में ग्रीन टैक्स लगाने की तैयारी

Photo : Twitter

Green Tax In Uttarakhand: दिल्ली-एनसीआर के लोग जब भी थकावट महसूस करते हैं तो उनकी फेवरिट जगह उत्तराखंड है। दिल्ली-एनसीआर से 200-400 किमी की रेंज में उत्तराखंड की कई जगहें और हिल स्टेशन आते हैं, जहां लोग अक्सर जाना पसंद करते हैं। खासतौर पर वीकेंड और गर्मियों व सर्दियों की छुट्टियों में बड़ी संख्या में पर्यटक नैनीताल, रानीखेत, रामगढ़, कौसानी, मुक्तेश्वर, लैंसडाउन, ऋषिकेश, हरिद्वार, चंबा, मसूरी और चकराता पहुंचते हैं। अगर आप भी छुट्टी मिलते ही उत्तराखंड के पहाड़ों का रुख करते हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। क्योंकि अब उत्तराखंड विशेषतौर पर कुमाऊं क्षेत्र में जाने पर आपकी जेब पर बोझ बढ़ने वाला है।

देना होगा ग्रीन टैक्स

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में कुल 6 जिले हैं। अल्मोड़ा, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर और उधमसिंह नगर इन 6 जिलों में कई बड़े पर्यटन और धार्मिक स्थल हैं। यहां हिल स्टेशनों की भी कमी नहीं है, जहां लोग अक्सर छुट्टी मिलते ही जाना पसंद करते हैं। विशेषतौर पर अल्मोड़ा, नैनीताल और पिथौरागढ़ में कई हिल स्टेशन हैं, जो पर्यटकों की हिट लिस्ट में होते हैं। अब यहां आने वाले यात्रियों से ग्रीन टैस्क (सेस) वसूलने की तैयारी है। हिमाचल प्रदेश में अभी ग्रीन टैक्स वसूला जाता है। इसी तर्ज पर कुमाऊं में भी इस प्रणाली को लागू किए जाने की तैयारी है।

कब से लगेगा ग्रीन टैक्स

अगर सब कुछ योजना के अनुरूप चला तो नए साल में आपको कुमाऊं क्षेत्र में आने पर ग्रीन टैक्स चुकाना होगा। अगर आप अपनी गाड़ी से उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में आ रहे हैं और आपकी गाड़ी किसी अन्य राज्य जैसे यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में रजिस्टर्ड है तो आपको ग्रीन टैक्स चुकाना होगा। भले ही आप उत्तराखंड के हों, लेकिन आपकी गाड़ी किसी अन्य राज्य में रजिस्टर्ड है (UA नंबर की नहीं है) तो आपको हर बार एंट्री पर आपको ग्रीन टैक्स चुकाना होगा।

कैसे वसूला जाएगा ग्रीन टैक्स

वर्तमान में सिर्फ बड़े कॉमर्शियल वाहनों से ही ग्रीन टैक्स वसूला जाता है। लेकिन अब छोटी निजी गाड़ियों और छोटे कॉमर्शियल वाहनों से भी ग्रीन टैक्स की ऑनलाइन वसूली की जाएगी। ग्रीन टैक्स की वसूली के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों का उपयोग किया जाएगा। अभी ड्राइवरों से 40-80 रुपये ग्रीन टैक्स की वसूले जाते हैं।

उत्तराखंड परिवहन विभाग ग्रीन टैक्स की वसूली के लिए एक निजी कंपनी को नियुक्त करने पर विचार कर रहा है। जल्द ही कंपनी का चयन हो जाएगा और उम्मीद की जा रही है कि नए साल से यह नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। कुमाऊं के सात बॉर्डरों जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, रुद्रपुर, पुलभट्टा, मझोला सभी उधमसिंह नगर जिले में और नैनीताल जिले के काठगोदाम में यह ANPR लगाए जाएंगे।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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